विक्रमजोत पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: मौत के सौदागरों के अड्डों पर सर्जिकल स्ट्राइक, माफियाओं में मचा हाहाकार!
धुसैनिया में पुलिस की धमक: भारी मात्रा में कच्ची शराब बरामद, महिला कारोबारी गिरफ्तार!
अजीत मिश्रा (खोजी)
विक्रमजोत पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: कच्ची शराब के गढ़ों में खलबली, मौत के सौदागरों पर कसा शिकंजा
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)
- चौकी प्रभारी शशि शेखर सिंह की दोटूक: ‘विक्रमजोत में नहीं चलेगा जहर का धंधा’, शराब माफियाओं की अब खैर नहीं!
- बर्बाद होते युवाओं को बचाने के लिए मैदान में उतरी विक्रमजोत पुलिस, अवैध शराब के गढ़ों को किया ध्वस्त!
- विक्रमजोत पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 18 लीटर कच्ची शराब के साथ एक दबोची गई!
बस्ती। जनपद के छावनी थाना अंतर्गत विक्रमजोत पुलिस चौकी क्षेत्र में इन दिनों अवैध कच्ची शराब के कारोबारियों की शामत आई हुई है। “मौत के व्यापार” पर लगाम लगाने के लिए विक्रमजोत पुलिस ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। चौकी प्रभारी शशि शेखर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अवैध शराब माफियाओं के किलों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।

धुसैनिया में पुलिस की दबिश: महिला कारोबारी गिरफ्तार
मुखबिर की सटीक सूचना पर चौकी प्रभारी शशि शेखर सिंह ने मय फोर्स धुसैनिया गांव में अचानक धावा बोल दिया। इस दौरान पुलिस की सक्रियता के चलते अवैध कच्ची शराब बनाने वाली एक महिला कारोबारी को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
- अभियुक्त का विवरण: सुमन पत्नी नेबूलाल (उम्र करीब 50 वर्ष), निवासी धुसैनिया।
- बरामदगी: मौके से 18 लीटर अवैध कच्ची जहरीली शराब बरामद की गई।
- विधिक कार्रवाई: पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 (मुकदमा अपराध संख्या 79/2026) के तहत मामला पंजीकृत कर जेल भेज दिया है।
युवाओं की बर्बादी और बढ़ते अपराध पर पुलिस का प्रहार
क्षेत्र में अवैध शराब के चलते न केवल युवा पीढ़ी नशे की गर्त में जा रही थी, बल्कि इससे आपराधिक घटनाओं में भी बेतहाशा वृद्धि हो रही थी। शराब माफिया इस काले कारोबार से अपनी तिजोरियां भर रहे थे, जबकि गरीब परिवार उजड़ रहे थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए विक्रमजोत पुलिस ने “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई है।
इन जांबाजों ने संभाली कमान
इस सफल अभियान और ताबड़तोड़ दबिशों में चौकी प्रभारी शशि शेखर सिंह के साथ कांस्टेबल काशी नाथ पांडेय, दिनेश सिंह और महिला कांस्टेबल प्रभा पांडे की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम गांव-गांव जाकर संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही है, जिससे शराब कारोबारियों का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त होता नजर आ रहा है।
“मेरे क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो लोग समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं, उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक विक्रमजोत क्षेत्र पूरी तरह शराब मुक्त नहीं हो जाता।” — शशि शेखर सिंह (चौकी प्रभारी, विक्रमजोत)
नंबर वन की राह पर विक्रमजोत पुलिस
अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा के मामले में विक्रमजोत पुलिस चौकी फिलहाल बस्ती जिले में अग्रणी भूमिका निभाती दिख रही है। जिस तरह से पुलिस ने माफियाओं के घर तक पहुंचकर दबिश देना शुरू किया है, उससे आम जनता ने राहत की सांस ली है। अब देखना यह है कि पुलिस की यह कड़ाई आने वाले समय में इन सफेदपोश अपराधियों की कमर कितनी तोड़ पाती है।
सावधान! अगर आप भी अवैध शराब के कारोबार में लिप्त हैं, तो अगला नंबर आपका हो सकता है।








