

🚨 बड़ी खबर: एंग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया CIPBC के संपत्ति अधिकारी को फंसाने की साजिश का आरोप, करनैल मसीह और सहयोगी बच्चन सिंह पर गंभीर सवाल 🚨
📍 सहारनपुर / रुड़की
एंग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया CIPBC एवं इंडियन चर्च ट्रस्टीज से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें चर्च संपत्तियों के नाम पर कथित तौर पर फर्जीवाड़ा और लोगों को गुमराह करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, चर्च से जुड़े मामलों में पूर्व में प्रकाशित खबरों के बाद कथित तौर पर बौखलाए करनैल मसीह और उसके सहयोगी बच्चन सिंह निवासी रुड़की पर गंभीर आरोप लगे हैं।
सूत्रों का दावा है कि करनैल मसीह नामक व्यक्ति खुद को कभी पंजाब का बिशप तो कभी भारत में ईसाई धर्म का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने का प्रयास करता है, जबकि चर्च रिकॉर्ड में उसकी किसी वैध नियुक्ति या अधिकारिक पद की पुष्टि नहीं होती। इतना ही नहीं, चर्च से जुड़े सम्पत्ति अधिकारी व सचिव का आरोप है कि करनैल मसीह के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि उस पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हो चुका है तथा संबंधित मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा उसे भगोड़ा घोषित किए जाने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार उक्त मामले में वह जेल भी जा चुका है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब कथित तौर पर करनैल मसीह और उसका सहयोगी बच्चन सिंह चर्च संपत्ति से जुड़े लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करने लगे। सूत्रों के अनुसार दोनों ने सहारनपुर के एक अधिवक्ता से लगभग चार लाख रुपये की ठगी किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में इन लोगों द्वारा एंग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया CIPBC के संपत्ति अधिकारी एवं सचिव को फोन कर रुड़की स्थित किसी चर्च संपत्ति को बेचने की बात कही गई। सूत्रों का कहना है कि चर्च संपत्ति अधिकारी ने इस प्रस्ताव को तुरंत अस्वीकार कर दिया और किसी भी प्रकार के संदिग्ध लेन-देन से साफ इनकार कर दिया।
चर्च से जुड़े सम्पत्ति अधिकारी व सचिव का आरोप है कि कुछ कथित फर्जी लोग चर्च संपत्तियों और धार्मिक पदों का नाम लेकर भोले-भाले लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं अब इस पूरे मामले को लेकर चर्च समुदाय में भी चर्चा तेज हो गई है और संबंधित एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।
सूत्रों के अनुसार यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो चर्च संपत्तियों और कथित फर्जी धार्मिक पदों के नाम पर चल रहे कई बड़े राज सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर आधिकारिक स्तर पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन चर्च ऑफ इंडिया CIPBC / इंडियन चर्च ट्रस्टीज के उच्च अधिकारियों की नजर अब इस मामले पर टिकी हुई है।
✍ रिपोर्ट: एलिक सिंह
🖋 संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
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