
धनबाद। वासेपुर में डान के नाम से मशहूर फहीम खान के पुत्र इकबाल खान की हत्या की प्लानिंग चाइबासा जेल में बंद प्रिंस खान के भाई गाडविन ने की थी। पुलिस रिमांड पर पूछताछ में इजहार और रकित ने बैंकमोड़ थाना की पुलिस के पास खुलासा किया है कि गाडविन के कहने पर ही दोनों धनबाद पहुंचे थे।
प्रिंस के भाई बंटी खान ने स्थानीय कुछ लोगों से संपर्क कराकर दोनों को सहयोग उपलब्ध कराया था। हत्या की प्लानिंग के तहत दोनों इकबाल खान की रेकी किए थे। घटना वाले दिन दोनों वासेपुर स्थित केजीएन काम्प्लेक्स-2 के पास मौजूद थे। इसी दौरान इकबाल खान के चालक हैदर अली उर्फ बबली को उन दोनों पर शक हो गया और वह पीछा करने लगा।
पकड़े जाने के डर से दोनों ने बबली पर गोली चला दी। गोली लगने से बबली गिर गया और वह दोनों मौके से फरार हो गया। इजहार और रकित ने पुलिस को यह भी बताया है कि गाडविन से उन दोनों की पहचान चाईबासा जेल में हुई थी। जेल में ही गोडविन ने इकबाल खान की हत्या के लिए उन दोनों को कहा था।
जमानत पर बाहर आने के बाद दोनों धनबाद पहुंचे और यहां स्थानीय स्तर पर उन्हें ठहराने से लेकर अन्य सुविधाएं प्रिंस खान के भाई बंटी खान के इशारे पर उपलब्ध हुआ। दोनों ने पुलिस को उसका नाम भी बताए हैं, जो उस वक्त उनलोगों का सहयोग किया था।
पुलिस अब उनलोगों की तलाश में जुटी है। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर कई अन्य लोगों की तलाश शुरू की गई है। रिमांड पर पूछताछ के दौरान कुछ नये चेहरे भी सामने आए हैं, जिसका सत्यापन पुलिस कर रही है। दोनों शूटर को पुलिस ने जिस उद्देश्य के लिए रिमांड पर लिया था वह उद्देश्य पूरा हो चुका है।
यहीं वजह है कि रिमांड अवधि पूरी होने से पूर्व ही रविवार को ही पुलिस ने दोनों शूटर इजहार और रकित को पुन: न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इससे पूर्व पूछताछ के दौरान दोनों ने प्रिंस खान के भाई गोपी खान की भूमिका के बारे में भी पुलिस को बताया है।




