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दरभंगा में पैतृक जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, फर्जी प्राथमिकी कराने का आरोप

चाचा पर फर्जी प्राथमिकी का आरोप, परिवार ने खोला राज

दरभंगा जिला के केवटी प्रखंड के पिण्डारूच पंचायत अंतर्गत गोपालपुर गांव में पैतृक जमीनी विवाद का एक दिलचस्प मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने अपने ही सगे चाचा पर झूठे FIR कर पत्नी एवं छात्र पुत्र को फंसाने का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता आनन्द कुमार ठाकुर गोपालपुर गांव के निवासी स्व काशीकान्त ठाकुर के पुत्र हैं। उन्होंने हमारे संवाददाता को बताया कि उनके पिताजी और चाचाजी विनय कान्त ठाकुर के बीच पैतृक जमीन का बंटवारा दिनांक 02/06/2011 को पंचगणों के हस्ताक्षर युक्त निर्णय और आपसी सहमति से हो चुका है।

Pindaruch Land Dispute Darbhanga

बावजूद इसके चाचाजी विनय कान्त ठाकुर उनके तीन डिसमिल जमीन पर अपना दावा यह कहकर ठोक रहे हैं कि ये उन्होंने पिण्डारूच निवासी विक्रेता महेश कांत चौधरी से खरीदा है और विक्रेता का गवाह सूर्य नारायण महाराज उर्फ लड्डू महाराज है । विनय कान्त ठाकुर के अनुसार उनके पास उक्त जमीन का केवाला उपलब्ध है जबकि शिकायतकर्ता ने कहा कि उनके चाचा जमीन का जो भी कागज दिखा रहे हैं, वह फर्जी साबित हो चुका है।

 

ज्ञातव्य हो कि उक्त भूमि पर ही आनन्द कुमार ठाकुर को आंगन से सड़क पर आने-जाने वास्ते 5 फीट रास्ता विनय कान्त ठाकुर से प्राप्त है संगहि अन्य फरिकैनों से शेष भूमि प्राप्त है जिसका उनके पास तमाम साक्ष्य उपलब्ध हैं और उन्हें इस संदर्भ में अंचलाधिकारी, केवटी से भी आदेश प्राप्त हो चुका है। इस पूरे मामले पर शिकायतकर्ता द्वारा सिविल कोर्ट दरभंगा में टाईटल सूट केस केवाला रद्द करवाने के लिए भी किया गया है, जो दरभंगा न्यायालय में चल रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह गांव में नहीं रहते हैं, जीविकोपार्जन हेतु गुजरात के कच्छ जिला में रहते हैं। गांव में उनका परिवार रहता है। विगत 8 मई को विनय कान्त ठाकुर ने कमतौल थाना में एक FIR दर्ज करवाया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित आनन्द कुमार ठाकुर के पुत्र मयंक एवं उनकी पत्नी ममता देवी ने उनके घर में घुसकर लाठी-डंडों से मारपीट की एवं उन्हें जान से मारने की धमकी दी। कमतौल थाना ने इस पर संज्ञान लेते हुए घटनास्थल का दौरा किया एवं आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। पूछताछ में पता चला कि विनय कान्त ठाकुर उक्त दिन गांव में उपस्थित ही नहीं थे। इस संदर्भ में समाज में एक आम बैठक आयोजित कर लिखित हस्ताक्षर के साथ समाज के लोगों ने यह सत्यापित किया कि उक्त व्यक्ति उस दिन गांव में नहीं थे। पीड़ित आनन्द कुमार ठाकुर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह पूरी घटना थाना के संज्ञान में है अतः इस FIR को रद्द कर विनय कान्त ठाकुर पर फर्जी FIR करने का मुकदमा दर्ज किया जाय। हमारे संवाददाता को स्थानीय स्तर पर जांच करने पर पता चला कि विनय कान्त ठाकुर एक विवादित छवि वाले व्यक्ति हैं, जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया है, वो इस परिवार को परेशान करने का काम कर रहे हैं।

Sitesh Choudhary

चढ़ते हुए सूरज की परस्तिश नहीं करता, लेकिन, गिरती हुई दीवारों का हमदर्द हूँ।
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