
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ :
गडचिरोली जिले के एटापल्ली पंचायत समिति के तहत आने वाले भारत पेट्रोलियम के ‘विकास सर्विस सेंटर’ पेट्रोल पंप में 56 करोड़ रुपये के संदिग्ध आर्थिक घोटाले का मामला शुक्रवार को विधान परिषद में जमकर गूंजा।
क्या है मामला
आमदार अभिजीत वंजारी ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि नक्सल प्रभावित इलाके के विकास के लिए शुरू किए गए इस पेट्रोल पंप का मकसद स्थानीय विकास के लिए राजस्व जुटाना था। लेकिन 20 साल में न आय, न खर्च और न मुनाफे का कोई ठोस हिसाब मिला। आरोप है कि इस दौरान करीब 56 करोड़ रुपये का गबन हुआ है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बावजूद जिला परिषद प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।
मंत्री ने दी चौंकाने वाली जानकारी
ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे ने जवाब देते हुए बताया कि 2006 से 2024 तक 6 समूह विकास अधिकारी बदले, लेकिन किसी ने भी पेट्रोल पंप का ऑडिट नहीं कराया। उन्होंने इसे “बेहद गंभीर” बताते हुए प्रशासन की लापरवाही और जिम्मेदारी झटकने की प्रवृत्ति पर कड़ी नाराजगी जताई।
मंत्री ने बताया कि शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पहले 4 सदस्यीय, फिर 7 सदस्यीय समिति बनी, लेकिन उनके रिपोर्ट का क्या हुआ ये भी प्रशासन नहीं बता पाया।
क्या दिए आदेश
मंत्री ने सदन में घोषणा की कि:
जिले के बाहर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से स्वतंत्र जांच कराई जाएगी।
90 दिनों में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
दोषियों से वसूली और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नोटिस जारी करने के आदेश भी दिए गए।
मंत्री के बयान के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।












