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*श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार नारनौल के सानिध्य में गुरुदेव मनीषी श्री स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने बताया गीता का महत्व*
नारनौल की प्रसिद्ध धार्मिक संस्था श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार (रजि.) नारनौल के तत्वाधान में परम पूज्य गुरुदेव गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज जी के सानिध्य में सीएल फार्म रेवाड़ी रोड पर होने वाले तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग के दूसरे दिन महाराज जी ने गीता जी का महत्व बताते हुए कहा कि आज के इस माहौल में केवल गीता जी की प्रेरणा ही हमारा सही मार्गदर्शन कर सकती है गीता जी के श्लोकों को हमे दैनिक जीवन में आचरण में लाने चाहिए।
*बिन्नू सत्संग विवेक ना होई राम कृपा बिन सुलभ न सोई की महिमा बताते हुए महाराज जी ने बताया कि भौतिकवादी बुद्धि मनुष्य में अहंकार उत्पन्न करती है, जो कि उसके पतन का कारण बनती है और अध्यात्मवादी बुद्धि मनुष्य को उत्थान की ओर ले जाती है।*
गीता जी के प्रथम श्लोक की व्याख्या करते हुए महाराज

जी ने बताया की धृतराष्ट्र की मै और मेरे की भेद बुद्धि महाभारत का कारण बनी और सत्संग के समापन में गीता जी की आरती के बाद अमृतमयी भोजन प्रसाद सभी भक्तों ने ग्रहण किया।






