
आजादी की 79 वीं वर्षगांठ पर आजादी का अमृत महोत्सव, स्वतंत्रता दिवस पर महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी एवं निगम अध्यक्ष श्री पाठक ने दिया विशेष संदेश, शहीदों के त्याग से मिली आजादी, अब हमारे संकल्प से होगी सशक्त
🌟विशेष संदेश🌟
आजादी की 79 वीं वर्षगांठ पर आजादी का अमृत महोत्सव, स्वतंत्रता दिवस पर महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी एवं निगम अध्यक्ष श्री पाठक ने दिया विशेष संदेश, शहीदों के त्याग से मिली आजादी, अब हमारे संकल्प से होगी सशक्त
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कटनी। स्वतंत्रता दिवस की पावन बेला पर महापौर प्रीति संजीव सूरी एवं नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने विशेष संदेश देते हुए कहा कि 79 वर्षों की स्वतंत्रता यात्रा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन अनगिनत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, तपस्या और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण है. जिन्होंने मातृभूमि की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
मध्यप्रदेश की वीरभूमि ने भी स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय योगदान दिया। तात्या भील रानी अवंतीबाई, राजा शंकर शाह, पंडित हीरालाल शास्त्री, अवंती बाई जैसे वीर सेनानियों का संघर्ष और बलिदान हमारी गौरवशाली विरासत का अभिन्न हिस्सा है।
कटनी जिले की धरती भी स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवगाथा से अछूती नहीं रही। स्वतंत्रता सेनानी गुलाबदास गुप्ता. राजा प्रयागदास एवं उनके पुत्र सरयू प्रसाद सिंह (विजयराघवगढ़) सहित अनेक वीरों के योगदान ने स्वतंत्रता संघर्ष को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।
आइए इस स्वतंत्रता दिवस पर हम केवल तिरंगा फहराकर उत्सव न मनाएं, बल्कि उन वीर सपूतों के सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लें।
जहां राष्ट्र सर्वोपरि होए कर्तव्य सर्वोच्च हो और प्रत्येक नागरिक अपने देश की प्रगति में सहभागी बने। शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि उनकी आजादी को जिम्मेदारी समझें और राष्ट्रहित को अपने जीवन का संकल्प बनाएं।
“वीरों का बलिदान हमारी प्रेरणा है”
“तिरंगा हमारी शान है और राष्ट्र की सेवा हमारा सर्वोच्च सम्मान है।”..
उन्होंने नागरिकों से विनम्र अपील करते हुए कहा की ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन 2026 के नियमानुसार घर से निकलने वाले गीले सूखे सेनेटरी एवं स्पेशल केयर अपशिष्ट को चार डस्टवीन में अलग-अलग रखे तथा केवल अधिकृत कचरा संग्रहण वाहन को ही दें, न गंदगी करें न करनें देवें, सार्वजनिक स्थलों मुख्य मार्गों, गलियों बाजारों पार्क, धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों के आसपास कचरा न डालें एवं सफाई बनाये रखें। उपयोग की गई पूजन सामग्री, फूल माला पूजन वाहन में ही डालें। पेयजल का अपव्यय न करें। जल संरक्षण की दृष्टि से अपनें अपनें घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण जिससे वर्षा जल को भूमिगत स्त्रोतों में परिवर्तित किया जा सके। जल ही जीवन है।
नगरपालिक निगम के बकाया कर, संपत्तिकर, समेकित कर, जलकर, स्वच्छता कर का समय पर भुगतान कर शहर विकास में सहयोग प्रदान करें। सार्वजनिक मार्गों में अतिक्रमण न कर यातायात व्यवस्था को सुगम बनानें में प्रशासन का सहयोग प्रदान करे।









