महराजगंज में अमरमणि की सियासी एंट्री से गरमाया माहौल 20 साल बाद फिर मैदान में अमरमणि, फरेंदा से चुनाव लड़ने का ऐलान –
अमनमणि त्रिपाठी नौतनवा से ठोकेंगे ताल –
एक मंच पर त्रिपाठी परिवार, 2027 का शंखनाद –
महराजगंज की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है –
20 साल बाद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी फिर जनता के बीच पहुंचे हैं और आते ही 2027 के चुनाव का बिगुल फूंक दिया है।
फरेंदा कस्बे में स्थित कृष्णा मैरिज लॉन में आयोजित संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन में अमरमणि त्रिपाठी ने बड़ा सियासी ऐलान किया।
अमरमणि ने साफ कहा—
वह फरेंदा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी नौतनवा विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरेंगे।
इस ऐलान के साथ ही फरेंदा से लेकर नौतनवा तक सियासी हलचल तेज हो गई है।
अमरमणि ने कहा—‘मैं फरेंदा की जनता को जगाने आया हूं।’
उन्होंने अपने पुराने कार्यकाल के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कराए विकास कार्य आज भी जमीन पर दिखाई देते हैं।
वहीं नौतनवा को लेकर अमरमणि ने कहा कि जनता का प्रेम आज भी उनके परिवार के साथ है और इसी प्रेम के दम पर बेटा अमनमणि को फिर विधायक बनाया जाएगा।
कार्यकर्ता सम्मेलन में अमरमणि त्रिपाठी के तेवर भी काफी तल्ख नजर आए।
उन्होंने पूर्व विधायक पर सीधे निशाना साधते हुए क्षेत्र की राजनीति और विकास को लेकर सवाल खड़े किए।
अमरमणि के इस बयान के बाद महराजगंज की सियासत में बयानबाजी का दौर और तेज होने के आसार बढ़ गये हैं।
एक मंच पर त्रिपाठी परिवार
सम्मेलन की सबसे बड़ी राजनीतिक तस्वीर यह रही कि
अमरमणि त्रिपाठी, अमनमणि त्रिपाठी और पूर्व मंत्री श्याम नारायण त्रिपाठी लंबे समय बाद एक मंच पर कई जनसभा मे नजर आए।
कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में त्रिपाठी परिवार की यह एकजुटता और 2027 को लेकर खुला चुनावी ऐलान अब फरेंदा और नौतनवा की राजनीति में नए समीकरणों की तरफ इशारा कर रहा है।
2027 का चुनाव अभी 6 महीने दूर है, लेकिन फरेंदा और नौतनवा में सियासी शतरंज की पहली चाल जरूर चल दी गई है।