नेपाल के जलप्रलय पर सोनौली सीमा पर छलका दर्द, भारत-नेपाल के लोगों ने जलाए कैंडल, मृतकों को दी श्रद्धांजलि
महराजगंज। नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और जलप्रलय से हुई जनहानि ने भारत-नेपाल सीमा पर भी लोगों को झकझोर दिया। नेपाल में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताने और उनके प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए रविवार शाम भारत-नेपाल की सोनौली सीमा स्थित नो मैन्स लैंड पर कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी, आम नागरिक, पत्रकार, भारतीय पुलिस-प्रशासन के अधिकारी-जवान तथा नेपाल पुलिस और सशस्त्र बल के जवान शामिल हुए। हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर लोगों ने आपदा में जान गंवाने वाले मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सिर्फ सीमा का रिश्ता नहीं, बल्कि सदियों पुराना रोटी-बेटी और भावनाओं का रिश्ता है। नेपाल में आई इस भयावह आपदा में सैकड़ों लोगों की जान चली गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। संकट की इस घड़ी में भारत के लोग नेपाल के साथ मजबूती से खड़े हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।
कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद भावुक नजर आया। जलती मोमबत्तियों के बीच लोगों ने नेपाल के दिवंगत नागरिकों को नमन किया और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
प्रेस क्लब ऑफ महराजगंज के अध्यक्ष अमित त्रिपाठी ने कहा कि नेपाल की त्रासदी को भारत अपना दर्द मानता है। वहीं लुम्बिनी प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमल रायमाझी सहित अन्य लोगों ने भी आपदा में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए भारत की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब ऑफ महराजगंज के अध्यक्ष अमित त्रिपाठी, लुम्बिनी प्रेस क्लब अध्यक्ष कमल रायमाझी, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, रामानंद रौनियार, नेपाल के बेलहिया इंस्पेक्टर हरिराम डांगी, सोनौली चौकी प्रभारी उमाकांत सरोज सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, व्यापारी, स्थानीय नागरिक और दोनों देशों के सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।