
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
एक कॉल पर खुद को मुंबई ATS का पुलिस अधिकारी बताना… “आपके नाम के बैंक खाते से 7 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग हुआ है” का धमाकेदार फोन… और फिर CBI, ED और RBI के फर्जी लेटर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट का जाल। इस फिल्मी साजिश में फंसकर नासिक के गंगापुर रोड इलाके के एक 60 साल के रिटायर्ड मैनेजर ने अपनी जिंदगी भर की कमाई – 89 लाख 99 हजार 711 रुपये गंवा दी।
कैसे फंसाया?
एक नामी प्राइवेट कंपनी से रिटायर मैनेजर को एक अनजान नंबर से कॉल आया। “मैं मुंबई पुलिस से बोल रहा हूं, आपके नाम पर आर्थिक गड़बड़ी का केस दर्ज हुआ है” कहकर उन्हें डराया गया।
इसके बाद व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आया। सामने वाला खुद को ATS अधिकारी ‘रणबीर सिंह’ बता रहा था। उसने कहा कि शिकायतकर्ता के नाम पर जम्मू में एक फर्जी बैंक अकाउंट है, जिससे आतंकवादियों ने 7 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग किया है।
आरोपियों ने ED और रिजर्व बैंक के फर्जी लेटर भेजकर गिरफ्तारी की धमकी दी। इतना ही नहीं, “हमारी आपके घर पर नजर है” कहकर एक वीडियो भेजा और उन्हें घर में ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया।
डर के मारे रिटायर्ड मैनेजर ने अपनी पूरी जमा-पूंजी और शेयर बाजार में लगी रकम निकाल ली। आरोपियों के कहने पर 25 अगस्त को उन्होंने 89 लाख 99 हजार रुपये उनके बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
पैसे भेजने के बाद जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो वे साइबर पुलिस थाने पहुंचे। नासिक शहर साइबर पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।



