
धनबाद(: झारखंड – 3 जनवरी, 2025 दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के चेयरमैन एस. सुरेश कुमार, (आईएएस) ने कहा कि देश और समाज की उन्नति में डी वी सी की भूमिका अहम है । दामोदर घाटी निगम झारखंड में प्लांट और सब स्टेशन बनाने में हजारों करोड रुपए की निवेश करेगी..
सुरेश आज धनबाद कांड्रा में अपने पहले 33/11 केवी ई-हाउस सबस्टेशन का उद्घाटन किया।समारोह को डीवीसी के अध्यक्ष एस. सुरेश कुमार, आईएएस, के अलावा सदस्य सचिव- डॉ जॉन मथाई, सदस्य वित्त अरूप सरकार, सदस्य तकनिकी एस के पांडा, सीमेंस लिमिटेड के कंट्री बिज़नेस हेड विवेक सरवटे , कार्यपालक निदेशक वितरण राजेश कुमार कार्यपालक निदेशक वाणिज्य संजीव श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित किया..
समारोह का संचालन मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी श्री राजीव रंजन सिन्हा ने किया । समारोह में डीवीसी के अन्य अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद थेवक्ताओं ने कहा कि डीवीसी के 11 केवी वितरण व्यवसाय में प्रवेश का मील का पत्थर सावित होगा, जो उन्नत, कुशल और सतत ऊर्जा समाधान के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। यह अत्याधुनिक, मॉड्यूलर ई-हाउस सबस्टेशन अत्याधुनिक 33 केवी जीआईएस तकनीक से लैस है, जो बेहतर सुरक्षा, तेज़ स्थापना और अनुकूलित स्थान उपयोग सुनिश्चित करता है..
अपनी महत्वाकांक्षी विस्तार योजना के तहत, डीवीसी झारखंड में 25 स्थानों पर 11 केवी इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर रहा है, जिसमें 12 ई-हाउस सबस्टेशन शामिल हैं। यह पहल बिजली वितरण की विश्वसनीयता और दक्षता को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है और छोटे उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाली बिजली प्रतिस्पर्धी दरों पर प्रदान करके उनके क्षेत्रीय विकास और उत्पादकता को बढ़ावा देती है..
डीवीसी रिंग मेन यूनिट्स (आरएमयू), भूमिगत केबलिंग, एडवांस्ड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (एडीएमएस), और मीटर डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (एमडीएमएस) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर रहा है। साथ ही, धनबाद कांड्रा में स्थापित इस सबस्टेशन के साथ, कल्याणेश्वरी और कोडरमा में दो केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं, जो सबस्टेशनों की केंद्रीकृत और मानवरहित निगरानी सुनिश्चित करेंगे। यह परियोजना नवाचार के प्रति डीवीसी की प्रतिबद्धता और स्थायी ऊर्जा समाधानों के माध्यम से उद्योगों और समुदायों को सशक्त बनाने के इसके मिशन को पुनः प्रमाणित करती है..








