A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेअलीगढ़ताज़ा खबर
Trending

हिंदी कविता को आज अगर प्रासंगिक रहना है तो उसे अंतिम जन से जुड़ना होगा '

शिवानी जैन एडवोकेट की रिपोर्ट

‘ हिंदी कविता को आज अगर प्रासंगिक रहना है तो उसे अंतिम जन से जुड़ना होगा ‘IMG 20240831 214959 2

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कला संकाय के सभागार में राजभाषा ( हिंदी ) कार्यान्वयन समिति द्वारा आयोजित हिंदी दिवस के अवसर पर ‘ हिंदी सप्ताह समारोह का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व सह – कुलपति प्रो . मोहम्मद ने कहा कि आज हिंदी को जनता से और इसे क्लिष्टता से निकाल कर आसान बनाने के जरूरत है । उन्होंने कहा कि इसे केवल सेवन की भाषा नहीं बल्कि सेवा की भाषा समझना होगा । प्रो . गुलरेज ने अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि हिंदी आज केवल भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में अपने पैर पसार चुकी है । प्रो . गुलरेज ने कहा कि आज अधिकाधिक रूप से हिंदी की किताबों को पढ़ने आवश्यकता है । हिंदी भाषा और साहित्य रुचि उत्पन्न करना होगा तभी हिंदी भाषा की उन्नति और भी संभव हो सकेगी । प्रो . मो . आशिक कहा कि आज अमुवि में जितना कार्य
हिंदी भाषा में हो रहा है , वह उल्लेखनीय है । प्रो . आशिक ने राजभाषा ( हिंदी ) कार्यान्वयन समिति के सचिव के रूप में साल भर के कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की । इस अवसर पर अतिथियों पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम का संचालन फोजिया शकील ने किया हिंदी शिक्षिकाओं दरक्शां नय्यर , हुमा सिद्दीकी एवं रूही सुल्तान के निर्देशन में कार्यक्रम का 23 सफलतापूर्वक समापन हुआ ।

[yop_poll id="10"]
Show More
Back to top button
error: Content is protected !!