
मैनपुरी में 225 की जगह 275 की बेच रहा यूरिया नैनों
मैनपुरी एक तरफ खाद की कालाबाजारी और दूसरी तरफ फसल की रोपाई अन्नदाताओं को काफी परेशान किए हुए हैं। जिसके लिए कई बार अधिकारियों को शिकायतें भी मिलती हैं। लेकिन उन अधिकारियों की । साधन सहकारी समिति के सचिवों से मिलीभगत होने के कारण अधिकारी उन सचिवों पर कार्यवाही नहीं करते है। जिसका खामियाजा उस किसान को ही भुगतना पड़ता है। जहां शिकायतकर्ता किसान को सचिव द्वारा या तो बिक्री दर से ऊंचे दामों में खाद दी जाती है या फिर उस किसान को खाद देने से मना कर दिया जाता है।
ऐसा ही मामला जनपद मैनपुरी के विकासखंड बरनाहल क्षेत्र के गांव इकहरा पर स्थिति साधन सहकारी समिति से निकलकर सामने आया है। जहां पर तैनात सचिव के द्वारा जमकर खाद की बिक्री दर से ऊंचे दामों में बिक्री कर जमकर कालाबाजारी की जा रही है। वहीं सचिव द्वारा बिक्री करते समय किसान को सचिव के द्वारा एक पर्ची दी जाती है। जिसपर किसान द्वारा खरीद की गई सामग्री और धनराशि को अंकित किया जाता है।
उचे दामों में बिक्री कर किसान को दी गई पर्ची सोशल मीडिया पर हुई वायरल
वहीं आपको बता दें कि विकासखंड बरनाहल क्षेत्र के। गांव इकहरा पर स्थित साधन सहकारी समिति पर तैनात सचिव के द्वारा खाद को बिक्री कर एक पर्ची दी जाती है। जिसका सारा विवरण कि किसान ने साधन सहकारी समिति से क्या खरीदा। और कितने रुपए दिए। इसका विवरण अंकित रहता है। जिसमें सचिव के द्वारा यूरिया नैनों को ऊंचे दाम पर बिक्री कर अंकित | | किया गया है।
| | 1350 की जगह 1360 की डीएपी बिक्री कर रहा था सचिव | विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार आपको बता दें कि उक्त साधन ।
सहकारी समिति पर खाद को खरीदने गए एक किसान ने परिधि । समाचार को फोन कर नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि यहां। पर तैनात सचिव सोनवीर के द्वारा डीएपी खाद को 1360 रुपए। में किसानों को बिक्री किया जा रहा है और किसान को दी जाने वाली पर्ची पर 1350 रुपए ही अंकित कर रहा है। जबकि 1350 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से ही डीएपी खाद की बिक्री होनी । चाहिए। जिसके बाबजूद भी यह सचिव 10 रुपए ऊंचे दाम पर | खाद को बिक्री कर कालाबाजारी कर रहा है।
क्या बोले एआर कश्परेटिव
वहीं इस मामले में जब एआर कॉपरेटिव जितेंद्र कुमार । पाल से बात की गई तो उनके द्वारा तत्काल अपने सहयोगी से संबंधित साधन सहकारी समिति की गोदाम पर अनाउंस कर। डीएपी के वास्तविक दाम 1350 रुपए सार्वजनिक करने के लिए कहा गया। फिर जब यूरिया नैनों की 225 मूल्य की जगह 275 की पर्ची जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो फिर पुनः कॉल। करने कर एआर कॉपरेटिव ने बताया कि मामले की जांच कर संबंधित सचिव के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।








