
।। वंदेभारतलाइवटीव न्युज, रविवार 19 जुलाई 2026 ।।
नागपुर, महाराष्ट—: महाराष्ट राज्य में एसआईआर- मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का कार्य चुनाव आयोग द्वारा 30 जून 2026 से प्रारंभ कर दी गई है। नागपुर शहर में भी मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर शुरू हो चुका है, और इसकी प्रक्रिया के आरंभ होने के बाद से व्यवस्थाएं भी नजर आने लगी है । शहर के मतदाताओं का आरोप है कि बीएलओ/ बूथ लेवल अधिकारी मतदाताओं के घर घर जाकर एसआईआर एनयूमेशन फार्म देने और भरवाने के बदले में एक ही जगह पर बैठकर काम कर रहें हैं, और इससे बड़ी संख्या में नागरिक एसआईआर की इस प्रक्रिया से पूरी तरह जूड़ नहीं पा रहें हैं। चुनाव आयोग द्वारा बीएलओ को नागरिकों के घर घर पहुंचकर एनयूमेशन फार्म देने और स्वयं फार्म भरवानें की जवाबदारी भी दी गई है, जबकि हकीकत यह है की बीएलओ और एसआईआर कार्यक्रम से संबंधित करमचारीगण स्कूल, मंदिर आदि जैसे एक ही जगहों पर बैठकर ही एसआईआर एनयूमेशन फार्म बांट रहें है, और फार्म जमा करवा रहें हैं। इससे नागरिकों को अपना काम का नुकसान करके फार्म लैने और जमा करने के लिए जाना पड़ता है। कई बार तो घंटों बीतने फार्म मिलता है। एसआईआर एनयूमेशन के कई मामलों में केवल एक ही फार्म भी दिया जाता है, इससे इसकी प्रक्रिया भी अधूरी रह जाती है। कई जगहों पर बीएलओ और संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित समय केंद्रों में भी महीं पहुंचते हैं। बीएलओ संबंधित अधिकारी नागरिकों के फोन करने पर फोन उठाते ही नहीं, उनका फोन बंद रहने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं एसआईआर कार्यक्रम के मामले मे बीएलओ का पक्ष भी सामने आया । एसआईआर प्रक्रिया अंतर्गत सुपरवाइजर के अनुसार बीएलओ के पास अधिक मतदाताओं की जिम्मेदारी होने और इसकी समय सीमा(8 अगस्त 2026) होने से उन पर कार्य का बोझ अधिक है। अधीकारियों के अनुसार नागपुर शहर के अधिकांश क्षेत्र मे मैपिंग काम पूरा कर लिया गया है। जिनका डेटा नही मिल सका है उनके लिए यह प्रक्रिया जारी है। कई मामलें मे लोगों को फोन पर सूचना देकर केंद्रों पर बुलवाया जा रहा है। हलांकि इस तरीके से लोगों को असुविधा रहती है, और इससे कई लोग फार्म लेने और भरकर जमा करने मे छूट भी सकते है। नागरिकों ने जिलाधिकारी से इस संबंध मे यह मांग कि है कि एसआईआर की इस पूरी प्रक्रीया की सख्तीपूर्वक निगरानी की जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बीएलओ मतदाताओं के घर घर पहुंचकर सर्वे करें ,जिससे लगभग लगभग सभी नागरिकों का नाम मतदाता सूची मे दर्ज हो सके और तभी सटीक विश्वसनीयता पूर्ण मतदाता सूची भी तैयार हो सकती है।









