
सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * वरिष्ठ अधिकारियो के निर्देशों पर बच्चों से संबंधित हर सूचना पर सागर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, डायल-112 और एफआरवी की सतर्कता बनी सुरक्षा की मजबूत कड़ी, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों, डायल-112 प्रभारियों एवं पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर उसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इन निर्देशों के प्रभावी पालन के परिणामस्वरूप जिले में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक इवेंट पर त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में दिनांक 18 जुलाई 2026 की रात्रि 03:01 बजे डायल-112 के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से इवेंट क्रमांक-0745 पुलिस कंट्रोल रूम सागर को प्राप्त हुआ। सूचना में बताया गया कि निर्तला पेट्रोल पंप के समीप लगभग 14-15 वर्ष की एक नाबालिग बालिका अकेली घूमती हुई दिखाई दे रही है। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस कंट्रोल रूम सागर ने बिना समय गंवाए एफआरवी-27 खुरई को तत्काल मौके के लिए रवाना किया। एफआरवी स्टाफ ने कुछ ही समय में घटनास्थल पर पहुंचकर अत्यंत संवेदनशीलता एवं सूझबूझ के साथ बालिका से बातचीत की। प्रारंभ में घबराई हुई बालिका से पुलिस ने धैर्यपूर्वक पूछताछ कर उसके परिजनों की जानकारी प्राप्त की तथा तत्काल उसके पिता एवं भाई से संपर्क स्थापित किया। पुलिस टीम ने पूरी सुरक्षा के साथ बालिका को उसके निवास ग्राम वेरखेड़ी पहुंचाकर उसके पिता एवं परिजनों के सुपुर्द किया। अपनी बेटी को सकुशल पाकर परिजनों ने सागर पुलिस, डायल-112 एवं एफआरवी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। प्रथम दृष्टया यह एक सामान्य सूचना प्रतीत हो सकती थी, किन्तु रात्रि लगभग 3 बजे सुनसान मार्ग पर अकेली नाबालिग बालिका का होना किसी भी संभावित अप्रिय घटना, दुर्घटना अथवा अपराध का कारण बन सकता था। समय रहते एक सजग एवं जिम्मेदार नागरिक द्वारा डायल-112 पर सूचना देना तथा पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करना संभावित अनहोनी को टालने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ। सागर पुलिस उस जागरूक कॉलर का विशेष धन्यवाद व्यक्त करती है, जिसकी सतर्कता और सामाजिक जिम्मेदारी के कारण एक मासूम बच्ची सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सकी। यह घटना इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि आमजन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से अनेक संभावित अपराधों एवं दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इस सराहनीय कार्रवाई में एफआरवी-27 खुरई के स्टाफ-770 आरक्षक संजय कुमार एवं पायलट शिव कुमार दांगी की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण विशेष रूप से प्रशंसनीय रहा। वहीं पुलिस कंट्रोल रूम सागर द्वारा सूचना प्राप्त होते ही बिना विलंब समुचित समन्वय स्थापित कर एफआरवी को रवाना किया गया, जिसके कारण पूरी कार्रवाई त्वरित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी। सागर पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि कहीं भी कोई बच्चा या बच्ची असहाय, भटका हुआ अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दे, तो बिना संकोच तत्काल डायल-112 पर सूचना दें। आपकी एक समय पर दी गई सूचना किसी मासूम की जिंदगी बचा सकती है तथा किसी संभावित अपराध या अनहोनी को होने से रोक सकती है।









