

रिपोर्ट। धरकास मोखा। गुजरात
गुजरात की भूपेंद्र भाई पटेल सरकार ने एक “विशेष मामले में” सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए कच्छ जिले के पशुपालकों के हित में रियायती दर पर घास वितरण करने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार का यह कदम कच्छ के पशुपालकों के लिए एक बड़ा आशीर्वाद साबित होगा।
इस निर्णय के तहत प्रत्येक घास कार्ड पर प्रति पशु दैनिक 4 किलोग्राम सूखा चारा दिया जाएगा। यह लाभ अधिकतम 5 पशुओं की सीमा तक ही मान्य होगा। पशुपालकों को यह घास मात्र ₹2 प्रति किलोग्राम की बेहद सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी। कच्छ के सभी तालुकों के छोटे किसान, सीमांत किसान, भूमिहीन पशुपालक और मालधारी (पारंपरिक चरवाहे) इस योजना का लाभ उठा सकेंगे, जिससे उनके पशुओं के भरण-पोषण में बड़ी मदद मिलेगी।
कच्छ जिले में इस वर्ष पर्याप्त वर्षा न होने के कारण सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए पशुपालकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह संवेदनशील फैसला लिया है। कच्छ के कलेक्टर अनिल राणवासिया ने इस निर्णय की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल ने कच्छ जिला प्रशासन के प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी दे दी है। वर्तमान में वन विभाग के विभिन्न गोदामों में 28 लाख किलोग्राम घास का स्टॉक पूरी तरह उपलब्ध है। जिला प्रशासन द्वारा पशुपालकों तक इस घास को सुचारू रूप से पहुंचाने के लिए व्यापक और व्यवस्थित प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं।
कलेक्टर अनिल राणवासिया ने पशुपालकों से सहयोग की अपील करते हुए बताया कि पशुपालक अपनी घास की मांग के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने गांव के तलाटी (पटवारी) से संपर्क कर सकते हैं। तलाटी के पास आवेदन जमा होने के बाद संबंधित मामलतदार (तहसीलदार) द्वारा पशुपालकों को ‘घास कार्ड’ जारी किया जाएगा। घास कार्ड मिलने के बाद पशुपालक अपने नजदीकी सरकारी गोदाम या डिपो पर जाकर रियायती दर पर घास प्राप्त कर सकेंगे। यह निर्णय स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक नेताओं और पशुपालक मंडलों द्वारा जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापनों और मांग के आधार पर तैयार किए गए प्रस्ताव के बाद राज्य सरकार द्वारा लिया गया है।






