
हाइलाइट्स
- पार्टी ने कहा विधेयक पर मुस्लिम समुदाय को विश्वास में नहीं लिया
- YSRCP का यह कदम मुस्लिम समुदाय को लुभाने का प्रयास
- आंध्र प्रदेश में इस कदम से सत्ताधारी टीडीपी के लिए असमंजस

इंडिया गठबंधन के साथ
इस तरह जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वक्फ संशोधन बिल को लेकर इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी नजर आ रही है। इंडिया गठबंधन का शुरू से ही इस विधेयक को लेकर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के साथ मतभेद है। यह संसद की संयुक्त समिति के विचार-विमर्श में भी दिखा है। इस मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति विचार कर रही है।
पिछले गुरुवार को लोकसभा ने इस संयुक्त समिति का कार्यकाल अगले साल बजट सत्र के आखिरी दिन तक बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। यह प्रस्ताव जेपीसी के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने पेश किया था।
पहले बिल को लेकर चुप थी YSRCP
वाईएसआरसीपी पहले इस विधेयक पर चुप थी। हाल ही में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में टीडीपी ने सहयोगी बीजेपी और पवन कल्याण की जनसेना पार्टी (जेएसपी) के साथ मिलकर वाईएसआरसीपी को आंध्र प्रदेश की सत्ता से बाहर कर दिया। इससे पार्टी केवल 11 विधानसभा और चार लोकसभा सीटों पर सिमट गई।
एनडीए के घटक दलों ने शेष 175 विधानसभा और 25 लोकसभा सीटें जीतीं। अब, कमजोर वाईएसआरसीपी विवादास्पद वक्फ विधेयक का विरोध करके मुस्लिम समुदाय तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश करती दिख रही है। 2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य की आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी 9.56% है।
मुस्लिमों को विश्वास में नहीं लिया
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार वाईएसआरसीपी के लोकसभा सांसद पी वी मिथुन रेड्डी ने कहा कि वक्फ विधेयक मुसलमानों को विश्वास में लिए बिना लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी का कहना है कि वक्फ की जमीन समुदाय की है और इसे जबरन नहीं छीना जा सकता।
YSRCP सांसद ने इसे ‘एकतरफा’ विधेयक बताते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने प्रस्तावित संशोधनों के खिलाफ अपना पक्ष प्रस्तुत किया है। उन्होंने वक्फ विधेयक में संशोधन के लिए अपनी सहमति नहीं दी है।
दोनों सदनों में करेंगे विरोध
रिपोर्ट के अनुसार मिथुन रेड्डी ने कहा कि वक्फ बिल में संशोधनों और उनसे जुड़ी चिंताओं पर विचार करने के लिए गठित संसदीय पैनल में वाईएसआरसीपी के विजयसाई रेड्डी ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि हम लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विधेयक का विरोध करेंगे। हम इस मामले में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ खड़े हैं



