
” शिव – कल्याण एवं पार्वती- शक्ति की प्रतिक
पं. शैलेन्द्र शास्त्री
बांगरदा ( खरगोन )- भगवान शिव कल्याण के एवं माता पार्वती शक्ति की प्रतिक हैं.शिव हमेशा ध्यान साधना में लीन रहते हैं।जो श्रद्धा व समर्पण के साथ अपने इष्ट की उपासना करते हैं,उनके जीवन में अपने ज्ञान, धन व सामर्थ को आत्म कल्याण एवं लोक कल्याण में नियोजित करने की शक्ति स्थापित हों जाती हैं।
उक्त विचार समिपी ग्राम लोहारी में आयोजित 7 दिवसीय शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस पर कथा वाचक पं. शैलेन्द्र शास्त्री ने व्यक्त किये।उन्होंने भगवान शिव के परिवार को स्नेह व सहकार से भरा -पुरा आदर्श परिवार बताते हुवे कहा की भगवान शिव के परिवार में गणेश जी का वाहन चूहा, कार्तिकेय जी का वाहन मोर, शिवजी का वाहन नंदी, शिव के गले में धारित नाग देवता एवं माँ दुर्गा का वाहन शेर, जो आज के युग में एक दूसरे के कट्टर शत्रु माने जाते हैं।वह सभी भगवान शिव के परिवार में अहिंसक भाव के प्रेम भाव से परिपूरित होकर एक साथ रहते थे, जो हमें सुसंस्कृत परिवार निर्माण का शिक्षण प्रदान करते हैं।
कथा के प्रारम्भ में मुख्य यजमान रामलाल करोड़ा एवं सहायक यजमान सत्येंद्र सिंह पंवार, अनिरुद्ध मालवीय, गुलाबसिंह मुजालदे,महिरापसिंह बगवाने एवं मंगतसिंह बगवाने द्वारा पुराण पूजन का क्रम संपन्न किया गया एवं आरती की गई।पं. शांताप्रसाद सोहनी द्वारा शिव पार्वती विवाह की झांकी प्रस्तुत की गई.पूर्व सरपंच महेन्द्र सिंह पंवार ( कोटल्याखेड़ी ) द्वारा कथावाचक पंडित जी मंगल तिलक करते हुवे पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। भजन मंडली द्वारा कथा के दौरान भक्ति भाव से ओत – प्रोत भजन प्रस्तुत किये गए।
कार्यक्रम का संचालन प्रेमलाल मालवीय ने किया. इस अवसर पर कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहें।
:- रामेश्वर फूलकर पत्रकार बांगरदा









