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उदयपुर शहर में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाएं : नागरिकों के जीवन एवं सुरक्षा का गंभीर संकट

हिंदुत्व रक्षा महासंघ द्वारा संचालित मानवाधिकार रक्षा महासंघ की ओर से आज उदयपुर नगर निगम आयुक्त महोदय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

उदयपुर शहर में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाएं : नागरिकों के जीवन एवं सुरक्षा का गंभीर संकट

वन्देभारत न्यूज़ नेटवर्क, उदयपुर

उदयपुर, 21 जुलाई 2026 हिंदुत्व रक्षा महासंघ द्वारा संचालित मानवाधिकार रक्षा महासंघ की ओर से आज उदयपुर नगर निगम आयुक्त महोदय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। इसमें उदयपुर शहर में आवारा कुत्तों द्वारा मानवों पर हो रहे हमलों की बढ़ती घटनाओं पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है ।

कार्यवाहक संभागीय अध्यक्ष विकास गौड़ ने कहा कि :

“उदयपुर शहर में आवारा कुत्तों की समस्या अब सहनशीलता की सीमा पार कर चुकी है । प्रतिदिन लगभग 30 लोग कुत्तों के काटने के शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिसका मासिक औसत 900 और वार्षिक औसत 10,000 से 11,000 तक पहुंच गया है। यह आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। वर्षा ऋतु में यह समस्या और भी गंभीर हो रही है। खासकर छोटे स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग इस भय के साए में जीने को मजबूर हैं। स्कूल, अस्पताल, पार्क और सड़कों पर जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।”

राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राव बहादुर सिंह ने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य की समस्या नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन के अधिकार का सीधा उल्लंघन है । उच्चतम न्यायालय ने In Re: “City Hounded by Strays, Kids Pay Price” मामले में कई स्पष्ट आदेश जारी किए हैं (11 अगस्त 2025, 22 अगस्त 2025, 7 नवंबर 2025 एवं 19 मई 2026)। इनमें ABC Rules 2023 के तहत पकड़ने, नसबंदी, टीकाकरण, शेल्टर निर्माण और आक्रामक कुत्तों की उचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। दुर्भाग्यवश, उदयपुर नगर निगम इन निर्देशों की ठोस अनुपालना नहीं कर पा रहा है।

मुख्य मांगें :

तत्काल आवारा कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी, टीकाकरण और शेल्टर अभियान तेज किया जाए।

पर्याप्त संख्या में ABC केंद्र और डॉग शेल्टर स्थापित किए जाएं।

पकड़े गए कुत्तों का पूर्ण ब्यौरा (पकड़ना, नसबंदी, टीकाकरण, शेल्टर में रखना, छोड़ना) रजिस्टर में दर्ज किया जाए और इसे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाए।

संस्थागत क्षेत्रों (स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड आदि) से कुत्तों को हटाकर शेल्टर में रखा जाए।

मासिक प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए तथा मानवाधिकार रक्षा महासंघ को नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए।

रेबीज वैक्सीन एवं उपचार की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ।

डॉ. राव बहादुर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि नगर निगम जन हित के मुद्दे पर शीघ्र ही ठोस कदम नहीं उठाता है तो मानवाधिकार रक्षा महासंघ उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने सहित अन्य कानूनी कदम उठाने के लिए विवश होगा। हम जनता की सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार के लिए संघर्षरत रहेंगे।”

इस अवसर पर

प्रवीण जेठवानी शहर जिला जनसंपर्क प्रमुख, वरिष्ठ कार्यकर्ता सुनील खुराना, प्रसन्न जैन, सुरेश वीरवाल, अरविंद सिंह झाला आदि मौजूद रहे ।

उपायुक्त महोदय ने समस्या की गंभीरता को देखते हुए त्वरित समाधान हेतु उचित दिशा-निर्देश जारी किये ।

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