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नागौद जनपद के ग्राम दुरेहा में लाखो का भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया: सचिव सचिन यादव पर गंभीर आरोप

IMG 20250211 WA0021*बिना काम कराए सरकारी राशि का गबन, जांच की मांग*

सतना : जिले के नागौद जनपद स्थित ग्राम दुरेहा में सरकारी योजनाओं के तहत निकलने वाली राशि के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत दुरेहा में पदस्थ सचिव सचिन यादव पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी योजनाओं के तहत आवंटित लाखो की राशि को बिना किसी काम कराये ही हड़प लिया। इस मामले में ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की है।
*10 लाख रुपये की राशि का गबन*
ग्राम पंचायत दुरेहा में 10 लाख रुपये की राशि ग्रेवल रोड के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत की गई थी। हालांकि, काम के नाम पर कोई निर्माण नहीं हुआ और सचिव सचिन यादव ने पूरी राशि हजम कर ली। यह घोटाला अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही और मिलीभगत के कारण हुआ है।
*कचड़ा भवन और गौ शाला के चारागाह में भी गबन*
इसके अलावा, ग्राम पंचायत दुरेहा में कचड़ा भवन का निर्माण भी स्वीकृत हुआ था, जिसकी राशि वित्त आयोग से आई थी। हालांकि, निर्माण कार्य आधा ही हुआ और फिर पूरी राशि सचिव ने गबन कर ली। इसी तरह, गौ शाला में चारागाह के निर्माण के लिए 1 .14 लाख रुपये की राशि भी बिना किसी कार्य के निकाल ली गई।
*तालाब गहरीकरण में घोटाला*
ग्रामीणों के अनुसार, तालाब गहरीकरण के लिए भी लाखों रुपये की राशि निकाली गई, लेकिन यह काम भी धरातल पर नहीं हुआ। ग्राम पंचायत की ओर से इन घोटालों की बार-बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
*प्रधानमंत्री आवास योजना में भी धांधली*
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी कई धांधलियों की सूचना मिली है। ग्रामीणों ने बताया कि कई पात्र परिवारों को आवास नहीं दिए गए। सचिव की मिलीभगत से इन योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचा।
*स्थानीय नेताओं का संरक्षण*
ग्रामीणों का कहना है कि सचिव सचिन यादव को स्थानीय नेताओं का भी संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण वह खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे हैं। हालांकि, पंचायत चुनाव में इस बार जनता ने स्वघोषित नेताओं को सख्त सिखाया है, लेकिन फिर भी प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
*ग्रामीणों की शिकायत और कार्रवाई की मांग*
ग्राम दुरेहा के निवासी जल्द से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अब वक्त आ चुका है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्राम पंचायत में हो रहे विकास कार्यों की दिशा सही हो सके।
*निगरानी और जांच की आवश्यकता*
इस पूरे मामले को लेकर यह सवाल उठता है कि ग्राम पंचायतों में हो रहे भ्रष्टाचार पर आखिरकार कब रोक लगेगी। क्या अधिकारियों द्वारा जांच के बाद कोई ठोस कार्रवाई होगी, या यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा? यह देखना दिलचस्प होगा।
*ग्राम दुरेहा में हो रहे इन भ्रष्टाचार के मामलों की जांच जल्द से जल्द हो*
और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि इस पंचायत में विकास कार्यों को सही तरीके से लागू किया जा सके और जनता को उनका हक मिल सके।

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