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सहारनपुर प्राधिकरण की मिलीभगत से जोन-4 में धड़ल्ले से बन रहे अवैध कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स!

नक्शा स्वीकृति की आड़ में तीन मंजिला इमारतें, अवैध बेसमेंट – भ्रष्ट JE और अभियंता के संरक्षण में नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

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🏗️ सहारनपुर प्राधिकरण की मिलीभगत से जोन-4 में धड़ल्ले से बन रहे अवैध कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स!

नक्शा स्वीकृति की आड़ में तीन मंजिला इमारतें, अवैध बेसमेंट – भ्रष्ट JE और अभियंता के संरक्षण में नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

📍 स्थान: हकीकत नगर, जोन-4, सहारनपुर
🗓️ तिथि: 14 जून 2025
📝 रिपोर्टर: एलिक सिंह, संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़


सहारनपुर।
शहर में निर्माण माफिया और सहारनपुर विकास प्राधिकरण के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से जोन-4 स्थित हकीकत नगर में एक बार फिर नियमों को ताक पर रखकर अवैध तीन मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स तैयार हो रहा है। यह निर्माण गन्ना नेत्र चिकित्सालय के ठीक सामने चल रहा है, जहां निर्माणकर्ता नरेंद्र तायल द्वारा न केवल तीन मंजिलें बनाई जा रही हैं, बल्कि अवैध बेसमेंट का भी निर्माण जारी है।


🧱 बिना मानचित्र संख्या के फ्लेक्स बोर्ड – पारदर्शिता पर पर्दा

प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए भवन स्थल पर बिना मानचित्र संख्या, स्वीकृति वर्ष और नाम के फ्लेक्स बोर्ड टांग दिए जाते हैं ताकि किसी को असल स्वीकृति की जानकारी न मिल सके।


👷‍♂️ JE प्रदीप गोयल और अभियंता पीके शर्मा पर गंभीर आरोप

इस पूरे निर्माण कार्य में प्राधिकरण के JE प्रदीप गोयल की भूमिका सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने इससे पहले हसनपुर चौक पर भी मदान नामक व्यक्ति का तीन मंजिला अवैध कॉम्प्लेक्स और बेसमेंट मंजूरी के विपरीत बनवाया था, जिसे खबर चलने के बाद सील करना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार, प्रदीप गोयल को अधिशासी अभियंता पीके शर्मा का सीधा संरक्षण प्राप्त है। दोनों अधिकारी जोन-4 और जोन-10 में मिलकर लाखों रुपए के सरकारी राजस्व की चोरी करवा रहे हैं और नियमविरुद्ध निर्माणों को अंजाम दे रहे हैं।


⚠️ जोन-10 में भी टीन शेड की 350 फुट की अवैध निर्माण संरचना जारी

इसी JE द्वारा जोन-10 में सौफुटा रोड, गलीरा में 350 फीट लंबा अवैध टीन शेड कॉम्प्लेक्स बनवाया गया, जो सील होने के बावजूद आज भी सक्रिय है।


🧾 पूर्व में ठेकेदार रह चुका है नरेंद्र तायल – पुरानी सांठगांठ का फायदा?

जानकारी के अनुसार निर्माणकर्ता नरेंद्र तायल, प्राधिकरण का पुराना कॉन्ट्रैक्टर रह चुका है और प्राधिकरण के अंदर गहरी पकड़ रखता है। इसी कारण उस पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


🗣️ जनता के सवाल – आंखें मूंदे बैठे हैं प्राधिकरण उपाध्यक्ष?

जनता पूछ रही है कि क्या प्राधिकरण उपाध्यक्ष आंख और कान बंद कर बैठे हैं?
क्या नियम-कायदों पर केवल ज़मीन डाल दी जाएगी?
क्या सरकारी ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ केवल कागजों तक सीमित है?


📣 प्रमुख मांगें और सुझाव:

  • जोन-4 व 10 के सभी निर्माणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए

  • सभी भवनों पर मानचित्र संख्या, स्वीकृति वर्ष, निर्माणकर्ता का नाम अनिवार्य रूप से दर्शाया जाए

  • भ्रष्ट JE और अभियंता को तत्काल निलंबित कर जांच कमेटी गठित की जाए

  • प्राधिकरण अध्यक्ष/कमिश्नर स्तर से हो निगरानी और जवाबदेही


📢 अगर ऐसे अवैध निर्माणों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह कानून व्यवस्था और शहर की योजना दोनों के लिए खतरा बन सकता है।


📝 रिपोर्ट:
एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महामंत्री – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 संपर्क: 8217554083

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