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कोटा में साइबर ठगी के 3 फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार; 57 युवतियां मिलीं

गुमानपुरा और छावनी में चल रहा था कथित साइबर ठगी का नेटवर्क; फर्जी वेबसाइट बनाकर निवेश के नाम पर लोगों को फंसाने का आरोप, हजारों लोगों का डेटा इस्तेमाल करने का खुलासा

कोटा में साइबर ठगी के 3 फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार

कोटा | वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज

राजस्थान के कोटा शहर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन कथित फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया और गिरोह के मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, ये कॉल सेंटर गुमानपुरा और छावनी क्षेत्र में संचालित किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान तीनों स्थानों पर कुल 57 युवतियां मौजूद मिलीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवतियों की भूमिका क्या थी और इनमें से कितने लोग कथित साइबर ठगी की गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल थे।

गुमानपुरा में दो और छावनी में एक कॉल सेंटर

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने साइबर ठगी के लिए कोटा शहर में बाकायदा तीन कॉल सेंटर स्थापित कर रखे थे। इनमें दो कॉल सेंटर गुमानपुरा और एक छावनी क्षेत्र में संचालित किया जा रहा था।

पुलिस की जांच के अनुसार गिरफ्तार किए गए पांच आरोपी जोधपुर, नागौर और बीकानेर से संबंधित बताए जा रहे हैं। सभी आरोपी कोटा के बोरखेड़ा क्षेत्र स्थित नीलकंठ अपार्टमेंट में किराए के मकान में रह रहे थे।

57 युवतियां मौके पर मिलीं, कॉलिंग की दी जा रही थी ट्रेनिंग

पुलिस कार्रवाई के दौरान तीनों कथित कॉल सेंटरों पर 57 युवतियां मौजूद मिलीं। पुलिस के अनुसार इन युवतियों को फोन पर लोगों से बातचीत करने, उन्हें निवेश के लिए आकर्षित करने तथा कथित रूप से अधिक रकम निवेश करवाने के लिए बातचीत की ट्रेनिंग दी जा रही थी।

तलाशी के दौरान पुलिस को कई रजिस्टर और कॉपियां भी मिलीं। पुलिस के मुताबिक इनमें लोगों से बातचीत के दौरान उन्हें विश्वास में लेने, निवेश के लिए तैयार करने और उन्हें प्रभावित करने से संबंधित जानकारी लिखी हुई थी।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन 57 युवतियों में से कितनी केवल कॉलिंग का काम कर रही थीं और कितने लोगों की कथित ठगी के नेटवर्क में प्रत्यक्ष भूमिका थी।


मोहम्मद अशफाक को बताया गया मास्टरमाइंड

डीएसपी गंगासहाय शर्मा के अनुसार पुलिस जांच में मोहम्मद अशफाक को इस कथित नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड बताया गया है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने साइबर ठगी के लिए Fina-Traders.Com नाम से कथित फर्जी वेबसाइट तैयार कर रखी थी। इस वेबसाइट के माध्यम से लोगों को निवेश पर आकर्षक मुनाफे का लालच दिए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार शुरुआत में वेबसाइट पर निवेश की गई रकम पर मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता था। इससे कथित तौर पर निवेशकों को भरोसा होने लगता था कि उनका पैसा वास्तव में बढ़ रहा है।

इसके बाद उन्हें और अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किए जाने का आरोप है। पुलिस अब वेबसाइट के तकनीकी संचालन, उसके पीछे जुड़े लोगों और इसके माध्यम से कथित तौर पर कितने लोगों को निशाना बनाया गया, इसकी जांच कर रही है।


हजारों लोगों का डेटा डाउनलोड करने का दावा

पूछताछ में आरोपियों द्वारा पुलिस को कथित तौर पर बताया गया कि कॉलिंग के लिए हजारों लोगों का डेटा इंटरनेट/गूगल से डाउनलोड किया गया था।

इस डेटा में शामिल लोगों से फोन के जरिए संपर्क कर उन्हें निवेश के नाम पर कथित रूप से अपने जाल में फंसाने का प्रयास किया जाता था।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि—

  • यह डेटा वास्तव में कहां से प्राप्त किया गया?
  • इसमें कितने लोगों की निजी जानकारी शामिल थी?
  • डेटा का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था?
  • कितने लोगों से संपर्क किया गया?
  • और इस नेटवर्क से कथित तौर पर कितने लोग प्रभावित हुए?

फर्जी वेबसाइट से लेकर कॉल सेंटर तक, पुलिस खंगाल रही पूरी कड़ी

तीन कथित कॉल सेंटरों के खुलासे के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

जांच में फर्जी वेबसाइट, कॉल सेंटरों के संचालन, कर्मचारियों की भूमिका, प्रशिक्षण सामग्री, कथित डेटा स्रोत और निवेश के नाम पर किए गए लेन-देन से जुड़े तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा क्या इसका संचालन कोटा के अलावा अन्य शहरों से भी किया जा रहा था।

साइबर ठगी के नए तरीके से पुलिस भी अलर्ट

कोटा में सामने आया यह मामला एक बार फिर बताता है कि साइबर अपराधी अब केवल ऑनलाइन लिंक या मैसेज के जरिए ही नहीं, बल्कि बकायदा संगठित कॉल सेंटर बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

ऐसे में निवेश से जुड़े किसी भी प्रस्ताव में गारंटीड या असामान्य रूप से ज्यादा मुनाफे का दावा मिलने पर लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। किसी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट पर पैसा निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और वैधता की जांच करना बेहद जरूरी है।

पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।


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