
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट
आजमगढ़।
जनपद की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सूचना आयोग और राजभवन सचिवालय का अधिकारी बताकर ग्राम प्रधानों से लाखों रुपये की ठगी करता था।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान पंकज यादव, निवासी नाथूपुर सूरजपुर 35, थाना असन्द्रा, जनपद बाराबंकी के रूप में हुई है। वह खुद को राजभवन सचिवालय में कार्यरत आईएएस अधिकारी हर्षवर्धन सिंह राठौर बताकर प्रधानों से संपर्क करता था और भ्रष्टाचार की जांच के नाम पर पैसे वसूलता था।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि यह कार्रवाई 13 जुलाई को की गई। पंकज यादव पर पहले से साइबर थाने में मुकदमा दर्ज था और उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन और 3200 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह NIC की वेबसाइट से ग्राम प्रधानों की सूची और नंबर जुटाता था। फिर वह फोन कर उन्हें जांच और कार्रवाई की धमकी देता और फर्जी खातों में रुपये जमा करवाता था।
साल 2024 में उसने आजमगढ़ के गोछा गांव के प्रधानपति मो. आरिफ से 8 लाख 26 हजार 995 रुपये इसी तरीके से ठगे थे। वह अपनी पहचान छुपाने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा और एक समय तो खुद की मौत की झूठी खबर भी फैला दी।
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के माध्यम से उसे चित्रकूट जिले से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी संदिग्ध कॉल आए तो उसकी तुरंत सूचना पुलिस को दें और किसी के झांसे में न आएं।
📌 संवाद:वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज आजमगढ़,उत्तर प्रदेश

