
अयोध्या
पत्रकार राममूर्ति यादव पर जानलेवा हमला और उसके खुलासे के बाद सामने आया गौरव पाण्डेय का सूत्रधार में नाम 3 गिरफ्तारी फिर भी घटना के आड़ में एक तेज युवा ब्राह्मण नेता “तेज नारायण पाण्डेय पवन” को टारगेट करने का खेल समाजवादी पार्टी का अंदरूनी मामला हों सकता है।लेकिन पत्रकार राममूर्ति यादव पर हमला समूचे पत्रकारों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। यह पुलिस के लिए भी गंभीर चुनौती है।
यह बात सही है की पवन पाण्डेय शासन प्रशासन से आम जनता की समस्याओं को लेकर मुखर रहते है। वह सपा के सुप्रीमो अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं। उनकी तेज आवाज उनके ही दल में कइयों को पसंद नहीं होती है।कुछ तो शांत रहते है तो कुछ षड़यंत्र करने की फिराक में रहते है।आज फिर एक बार गौरव पाण्डेय की आड में पवन पाण्डेय को बदनाम करने की सोची समझी चाल बिछाई गई। जिसमें कुछ मीडिया वाले ऐसे है जो केवल इंतजार करते रहते है कि कैसे सपा नेताओं को बदनाम किया जाए क्योंकि समाजवादी पार्टी में पवन पाण्डेय के सामने ऐसे लोगों की एक भी नहीं चलती है। चुकी पवन पाण्डेय ब्राह्मण समाज से है और सपा के मूल वोट कहे जाने वाले “YM ” समीकरण से इतर समाजवादी पार्टी के लिए छात्र जीवन से ही समर्पित है।उन्होंने अयोध्या विधान सभा का चुनाव जीत के सपा के गोद में सीट दिया, दो बार से मामूली वोट से हारते है जबकि अयोध्या में प्रचंड “राम लहर ” होती है।यहां खुद श्रीराम चुनाव में सपा के सामने होते है।ऐसे में पवन पाण्डेय को सत्ता दल से लेकर उनके दल में भी एक धड़ा सदैव टारगेट पर रखता है। अब चुकी गौरव का सर नेम पांडे है और पवन का भी सर नेम पांडे है इसलिए पवन पाण्डेय को पत्रकार राममूर्ति यादव के हमला करने वालो से जोड़ा जा रहा है।क्योंकि कुंठित धड़े का मानना है कि पवन पाण्डेय 


के साथ गौरव पांडे की फोटो है और उनका खास है।
तो बता दूं गौरव पांडे समाजवादी पार्टी का जिला सचिव है और वह अक्सर सभी कार्यक्रमों में शामिल होता है सबके साथ उनकी फोटो है उसमें सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, सांसद अवधेश प्रसाद, विधायक अभय सिंह, पूर्व विधायक रुश्दी मिया। पूर्व विधायक आनंदसेन यादव, सपा जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव, सपा नेता राघवेंद्र सिंह अनूप, राहुल सिंह अनिमेष। पूर्व विधायक जय शंकर पांडेय सहित तमाम सपा के बड़े नेताओं के साथ गौरव की फोटो है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों पवन पांडे को ही फोटो के आधार पर टारगेट किया गया है।अगर फोटो के आधार पर कोई दोषी होता है तो दर्जनों लोग दोषी हों सकते है। पुलिस ने तेजी से अपना काम किया और 3 दिन में ही घटना का वर्क आउट किया, 3 को जेल भेजा और कथित रूप से गौरव पांडे सहित दो को फरार बताया है लेकिन पुलिस ने यह भी बताया कि गौरव को बचाने के लिए पवन पाण्डेय प्रयासरत है। फिर भी सपा के कथित चंद कुंठित लोगों ने केवल ब्राह्मण होने के नाते तेज नारायण पांडे पवन को टारगेट किया यह गलत है।
अभी पुलिस की जांच बन्द नहीं है कही वह लोग पुलिस की जांच को प्रभावित करने के लिए तो कोई चाल तो नहीं चल रहे है… जैसे तमाम प्रश्न हो सकते है, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर राममूर्ति यादव के खिलाफ पवन पांडे क्यों कोई साजिश करेंगे और क्यों किसी दोषी को बचाएंगे ? जबकि पवन पांडे अक्सर अपनी प्रेस में राममूर्ति यादव के आने का इंतजार करते देखे जाते है क्योंकि राममूर्ति यादव प्रतिष्ठित अखबार में गए और सपा को देखते है और उनकी सपा नेताओं से लेकर अन्य दलों भाजपा नेताओं के साथ भी अच्छा व्यवहार होता है, रुदौली भाजपा विधायक राम चंद्र यादव घटना वाले रात में ही जिला अस्पताल पहुंच कर हाल चाल लिया है।
पत्रकार राममूर्ति यादव शीघ्र स्वास्थ्य हो और घटना में शामिल दोषियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए लेकिन लोगों को यह भी ध्यान रखना चाहिए किसी पर जबरिया कीचड़ न उछाले इससे उनकी अपनी ही छवि दागदार होती है।
कृपया फोटो देखे और निर्णय ले फोटो से क्या कोई दोषी या साजिशकर्ता बनाया जा सकता है ।






