
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट
ब्यूरो, लखनऊ।

उत्तर प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सरल और सुगम बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब पात्र वृद्धजनों की पहचान और सत्यापन फैमिली आइडी “एक परिवार–एक पहचान” पोर्टल के माध्यम से स्वतः किया जाएगा। नई व्यवस्था में 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति के खाते में बिना आवेदन किए पेंशन पहुंचना शुरू हो जाएगी।
समाज कल्याण विभाग ने इसे पहले चरण में अमेठी, कासगंज, गोरखपुर, ललितपुर और बस्ती जिलों में पायलट आधार पर लागू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, पूरे राज्य में लागू करने के लिए 30 दिनों के भीतर विस्तृत एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी की जाएगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण एल. वेंकटेश्वर लू ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश भेजे हैं।
🔶 कैसे मिलेगी स्वतः पेंशन?
फैमिली आईडी पोर्टल पर पहले से दर्ज आयु और परिवार संबंधी विवरण के आधार पर यह पता चल जाएगा कि कौन व्यक्ति पेंशन के लिए पात्र है।
जिन्हें अगले 90 दिनों में 60 वर्ष पूरे करने हैं, उनके नाम भी सिस्टम अपने-आप सूची में जोड़ देगा।
इसके बाद अधिकारी लाभार्थियों से मोबाइल एसएमएस, व्हाट्सऐप या फोन कॉल के माध्यम से सहमति लेकर पेंशन स्वीकृत करेंगे।
पेंशन की धनराशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे खाते में भेजी जाएगी।
🔶 पारदर्शिता और निगरानी के लिए नए प्रावधान
नई प्रणाली में कई सुधार शामिल किए गए हैं—
जीवन प्रमाण-पत्र की नियमित जांच
संदिग्ध लाभार्थियों की सूची तैयार कर सत्यापन
गलत या दोहराव वाले भुगतान पर रोक
डेटा की समय-समय पर समीक्षा
मृतक या अपात्र व्यक्तियों के मामलों का तत्काल निस्तारण
प्रदेश में वर्तमान में लगभग 67.50 लाख वृद्धजन वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ उठा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि पात्र व्यक्तियों को बिना देरी और बिना किसी औपचारिक आवेदन के पेंशन मिले।
🔶 सरकार का उद्देश्य – “सम्मानजनक बुढ़ापा”
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के अनुसार,
> “सरकार का उद्देश्य है कि हर पात्र वृद्धजन को सम्मानजनक पेंशन मिले। फैमिली आईडी आधारित प्रणाली लाखों बुजुर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।”
नई व्यवस्था लागू होने के बाद वृद्धजनों को पेंशन के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और योजनाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही भी बढ़ेगी।





