
सागर/वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * डायल 112 राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से इवेंट क्रमांक 26010172943 के तहत सूचना प्राप्त हुई कि एक 4–5 वर्षीय बच्ची अकेली, अत्यधिक रोती हुई मिली है, जो अपना नाम-पता बताने में असमर्थ है तथा उसके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए डायल 112 कंट्रोल रूम सागर द्वारा तत्काल मानवीय एवं पेशेवर दृष्टिकोण अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई की गई। उक्त सूचना मिलते ही उप निरीक्षक (रेडियो) राजकुमार सिंह चौहान द्वारा स्थिति को गंभीरता से समझते हुए एफआरवी 10 बंडा में पदस्थ आरक्षक 1387 छोटेलाल,एफआरवी पायलट सोने सिंह लोधी को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर मौके के लिए रवाना किया गया। टीम द्वारा बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर कस्बा क्षेत्र, बस स्टैंड एवं आसपास के इलाकों में आम नागरिकों से पूछताछ कर सघन तलाश अभियान चलाया गया। लगातार प्रयासों, सूझबूझ और संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप बच्ची के परिजनों का पता लगाया गया तथा बच्ची को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द किया गया, परिजनों द्वारा जानकारी दी गई कि बच्ची के माता-पिता अपने गृह ग्राम में आयोजित तेरहवीं के कार्यक्रम में गए थे और बच्ची को घर पर ही उसकी मौसी के पास छोड़ गए थे। इसी दौरान बच्ची रोते हुए उन्हें ढूंढते-ढूंढते बस स्टैंड तक पहुंच गई, जहां वह रास्ता भटक गई। इससे पहले कि बच्ची बस स्टैंड बंडा पहुंचती माता-पिता बस द्वारा गांव जा चुके थे। इस पूरे घटनाक्रम में डायल 112 कंट्रोल रूम सागर की टीम एवं एफआरवी बंडा-10 की सक्रियता, मानवीय व्यवहार और जिम्मेदार कार्यशैली के चलते एक मासूम बच्ची को उसके परिवार से मिलवाया जा सका।इस सराहनीय कार्य में निम्न अधिकारियों/कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा, उप निरीक्षक (रेडियो) राजकुमार सिंह चौहान,महिला प्रधान आरक्षक श्रीमती उर्मिला सोनवानी (कंट्रोल रूम ),आरक्षक 1387 छोटेलाल (एफआरवी बंडा-10),एफआरवी पायलट सोने सिंह लोधी,बच्ची के परिजनों ने अपनी पुत्री को सुरक्षित पाकर डायल 112 पुलिस सेवा एवं सागर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया तथा पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की खुले दिल से प्रशंसा की।














