
खलारी प्रखंड के शहीद चौक में सुंदरीकरण के नाम पर लाखों की अनियमितता का आरोप।।
रिपोर्टर/राशीद अंसारी
खलारी। खलारी प्रखंड स्थित शहीद चौक में बने शहीद स्मारक के सुंदरीकरण कार्य में कथित अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुंदरीकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाकर घटिया स्तर का काम कराया गया, जबकि पूरी राशि ठेकेदार द्वारा निकासी कर ली गई।
“स्थानीय लोगों में असंतोष, डर के माहौल के चलते दबी जुबान”
स्थानीय नागरिकों ने दबी जुबान में बताया कि ठेकेदार के बड़े अधिकारियों से संपर्क होने के कारण किसी को भी खुलकर शिकायत करने की हिम्मत नहीं है। उनका कहना है कि कार्य की गुणवत्ता बेहद कमतर रही, जबकि सरकारी राशि पूरी तरह से खर्च दिखाई गई।
“विधायक निधि से हुआ था स्वीकृत”
जानकारी के अनुसार, शहीद चौक के शहीद स्मारक के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए पूर्व विधायक समरीलाल द्वारा वर्ष 2023-24 में लगभग 3.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी।
“आनन-फानन में हुआ कार्य, गुणवत्ता पर सवाल”
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गणतंत्र दिवस से ठीक पहले काम तेजी से शुरू किया गया। कार्य में केवल 8-10 पाइप लगाए गए, फर्श पर बालू डालकर निम्न स्तर की टाइल्स बिछाई गईं और हल्का रंगरोगन कर कार्य पूरा दिखा दिया गया। आश्वासन दिया गया था कि बाद में सुधार किया जाएगा, लेकिन अब तक कोई अतिरिक्त कार्य नहीं हुआ।
“ठेकेदार पर राशि निकासी का आरोप”
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कार्य पूरा होने का दिखावा कर ठेकेदार ने पूरी राशि निकाल ली। आश्चर्यजनक बात यह है कि यह कार्य प्रखंड कार्यालय के समीप हुआ, फिर भी प्रशासन ने जांच या कोई आपत्ति दर्ज नहीं की।
“शिलापट्ट को छिपाने के लिए लगाया गया पोस्टर”
मामले में कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि शिलापट्ट को छिपाने के लिए पोस्टर लगाया गया था, जो अब हट गया है। इस मामले में न तो कोई आधिकारिक बयान आया है और न ही जांच की पुष्टि हुई है।
“जांच और कार्रवाई की मांग”
स्थानीय नागरिक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शहीद स्मारक जैसे संवेदनशील स्थल के साथ लापरवाही और भ्रष्टाचार न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि शहीदों के सम्मान के साथ भी खिलवाड़ है।
यदि प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेता है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुंदरीकरण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन हुआ या नहीं, और स्वीकृत राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।



