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यादव लव स्टोरी फिल्म का विरोध, कलेक्ट्रेट परिसर प्रदर्शन

यादव समाज ने प्रतिबंध की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा

सिद्धार्थनगर में फिल्म ‘यादव लव स्टोरी’ के विरोध में यादव समाज के सैकड़ों लोगों ने सोमवार, 23 फरवरी को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने फिल्म को समाज विरोधी बताते हुए इस पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर नारेबाजी से गूंज उठा।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मृदुल तिवारी और प्रगति

तिवारी के निर्देशन में बनी यह फिल्म समाज में नफरत और वैमनस्यता फैला रही है। उनका कहना है कि फिल्म की कहानी में यादव समाज की छवि को गलत तरीके से दिखाया गया है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है।

कलेक्ट्रेट परिसर में जुटे लोगों ने “यादव मूवी बंद करो” के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि फिल्म को रिलीज किया गया या किसी भी सिनेमा हॉल में प्रदर्शित किया गया, तो यादव समाज इसका कड़ा विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि समाज अपने सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि यह आंदोलन केवल सिद्धार्थनगर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश और देश में यादव समाज के लोग इस फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उनका आरोप है कि फिल्म के माध्यम से समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि फिल्म में यादव लड़की और मुस्लिम युवक के बीच प्रेम प्रसंग को जिस तरह दर्शाया गया है, उससे समाज में भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि समाज को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे किसी भी प्रयास को तुरंत रोका जाए, ताकि आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता को नुकसान न पहुंचे।प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से सुभाष यादव, सुनील यादव पहलवान, राकेश यादव, धीरज यादव, महेश यादव, अनुज यादव, सतीश यादव, संतोष यादव, अर्जुन यादव, राममिलन यादव, विजय यादव, राधेश्याम यादव, सुरेश यादव, दुर्गेश यादव एवं श्याम लाल यादव सहित बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।

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