
शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के विरोध में सोमवार को इटवा में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। यह प्रदर्शन टीचर फेडरेशन आफ इंडिया उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर किया जा रहा है।

आंदोलन के दूसरे चरण के तहत, शिक्षक 23 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक अपने बाएं हाथ में काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान वे अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप और
ट्विटर पर भी साझा करेंगे।
प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष करुणेश मौर्या और महामंत्री हरिश्चन्द्र ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि 2011 के बाद टीईटी की अनिवार्यता अनुचित है। उन्होंने तर्क दिया कि जब उनकी नियुक्ति हुई थी, तब के विज्ञापन में निर्धारित योग्यताएं उन्होंने पूरी की थीं।
शिक्षकों का कहना है कि 15 से 20 वर्षों की सेवा के बाद टीईटी की अनिवार्यता थोपना गलत है। इसी के विरोध में वे काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
इस आंदोलन के अगले चरण में, 26 फरवरी को जिला मुख्यालय पर बीएसए कार्यालय पर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।





