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सिधौली में बहुजन स्वाभिमान, संविधान सम्मान और सामाजिक न्याय के समर्थन में ऐतिहासिक जनसभा

सिधौली में बहुजन स्वाभिमान, संविधान सम्मान और सामाजिक न्याय के समर्थन में ऐतिहासिक जनसभा

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रिपोर्टर – विनोद कुमार | सिधौली, सीतापुर

सिधौली क्षेत्र के बहादुरपुर स्थित डॉ. अंबेडकर पार्क में शनिवार को बहुजन स्वाभिमान, संविधान सम्मान और सामाजिक न्याय के समर्थन में एक विशाल जनसभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में किसान, युवा, महिलाएं, मजदूर तथा सामाजिक न्याय के समर्थक शामिल हुए। गांव-गांव से पहुंचे लोगों ने बहुजन एकता, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के पक्ष में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम का नेतृत्व राजेश कुमार सिद्धार्थ ने किया। सभा के उपरांत उपजिलाधिकारी सिधौली के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया, जिसमें बहुजन समाज के सम्मान, महापुरुषों की प्रतिमा स्थापना, किसानों की समस्याओं, युवाओं की बेरोजगारी, सामाजिक भेदभाव और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

सभा का शुभारंभ डॉ. भीमराव अंबेडकर, गौतम बुद्ध, छत्रपति शाहूजी महाराज, पेरियार ई.वी. रामासामी, महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, कांशीराम, संत रविदास तथा अब्दुल हमीद सहित महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान, समान अधिकार, सामाजिक न्याय और बहुजन समाज के सम्मान की लड़ाई का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि समाज का वंचित, शोषित और पिछड़ा वर्ग आज जिस शिक्षा, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी तक पहुंचा है, वह संविधान की देन है।उन्होंने प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि बाबा साहेब और अन्य बहुजन महापुरुषों की प्रतिमा स्थापना के लिए अनुमति आवश्यक है, तो समान नियम सभी समुदायों पर लागू होने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भेदभाव बंद नहीं हुआ तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

सभा में किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने, मुफ्त खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग की। युवाओं की बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे नौजवान रोजगार के लिए भटक रहे हैं और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता जरूरी है।महिलाओं को संबोधित करते हुए सोनम गौतम ने कहा कि महिलाओं को अन्याय और शोषण के खिलाफ संगठित होकर आवाज उठानी होगी। वहीं बंसराज भारती, प्रदीप बौद्ध, प्रताप सिंह त्यागी, अनुज कुमार गौतम, डॉ. राम अवतार भारतीय सहित अन्य वक्ताओं ने सामाजिक एकता, शिक्षा, जागरूकता और संगठन की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान जनसमूह ने “जय भीम”, “संविधान बचाओ”, “बहुजन सम्मान हमारा अधिकार” और “अन्याय बंद करो” जैसे नारों से पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया।सभा के अंत में निर्णय लिया गया कि यदि बहुजन महापुरुषों के सम्मान, प्रतिमा स्थापना और समान अधिकारों के मुद्दों पर भेदभाव जारी रहा तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

कार्यक्रम में बाबूलाल गौतम,

दिनेश कुमार गौतम सुल्तान अशोक कुमार गौतम, राजेश कुमार, आदित्य कुमार, अनवर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, किसान, महिलाएं, युवा एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

अंत में राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि संविधान, सम्मान, समानता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का आंदोलन है, और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

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