उत्तर प्रदेशताज़ा खबर

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर माहवारी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

जिला संवाददाता अंगद यादव 

IMG 20260528 WA0009अकबरपुर  विकासखंड के ग्राम पंचायत नसीरपुरकैथी में हुआ जहां डड़वा कैथी नसीरपुर उसकी आदि गांवों से 100 से अधिक किशोरियों व महिलाओं ने भागीदारी कर *माहवारी पर चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो* का जोरदार आगाज किया।

जन विकास केन्द्र भितरीडीह के निर्देशन में किशोरी बालिका सशक्तिकरण कार्यक्रम अम्बेडकरनगर द्वारा आयोजित कार्यशाला को संबोधित करती हुई सचिव गायत्री ने बताया कि आज की थीम “एक #मासिकधर्मअनुकूलविश्व के लिए एक साथ” है। यह थीम माहवारी से जुड़ी वर्जनाओं को तोड़ने, जागरूकता बढ़ाने और सभी के लिए सुरक्षित व सम्मानजनक माहवारी प्रबंधन सुनिश्चित करने पर जोर देती है। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखना आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है – यह संक्रमण को रोकने, दुर्गंध को कम करने और मासिक धर्म के दौरान आपको आरामदायक रखने में मदद कर सकता है।IMG 20260528 WA0012 1

मासिक धर्म स्वच्छता का मतलब है मासिक धर्म के दौरान शरीर को साफ और स्वस्थ रखना। इसमें डिस्पोजेबल सैनिटरी नैपकिन, टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप का सही इस्तेमाल, नियमित रूप से सफाई और अन्य हाइजीन उपायों का पालन करना शामिल होता है।IMG 20260528 WA0010 1

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मानवाधिकार रक्षक मनोज कुमार ने कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता का अधिकार, संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और गरिमा के अधिकार) के तहत एक मौलिक अधिकार है। यह केवल एक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा नहीं, बल्कि निजता और समानता का भी विषय है। मासिक धर्म चक्र के 4 प्रमुख चरण होते हैं: मासिक धर्म (पीरियड), फॉलिक्युलर चरण, ओव्यूलेशन, और ल्यूटियल चरण। यह चक्र महिलाओं के शरीर को हर महीने संभावित गर्भावस्था के लिए तैयार करता है। जब लड़कियों और महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान सुरक्षित और किफायती स्वच्छता सामग्री उपलब्ध होती है, तो उनमें संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। इसका समग्र यौन और प्रजनन स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसमें किशोर गर्भावस्था में कमी, मातृत्व स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता में सुधार शामिल है। मासिक धर्म का नियमित रूप से आना महिला के बेहतर शारीरिक और प्रजनन स्वास्थ्य का मुख्य संकेत है।

कम्युनिटी मोबलाइजर श्रीमती निरकला ने बताया कि लैंगिक असमानता, भेदभावपूर्ण सामाजिक मानदंड, सांस्कृतिक वर्जनाएं, गरीबी और शौचालय और स्वच्छता उत्पादों जैसी बुनियादी सेवाओं की कमी, ये सभी कारक मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य और स्वच्छता की जरूरतों को पूरा न होने का कारण बन सकते हैं।

कार्यशाला में प्रतिभागियों ने माहवारी से जुड़े मिथ्य और तथ्यों के साथ आवश्यक संसाधनों के उपयोग एवं उसके निस्तारण पर चर्चा किया।

कार्यशाला को सफल बनाने में महिमा छोटेलाल अंजली ज्योति कुसुम आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

[yop_poll id="10"]
Show More

ANGAD YADAV AMBEDKAR NAGAR UP

🌺 वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज एवं समाचार पत्र 🎥 उत्तर प्रदेश 🌺🌺
Back to top button
error: Content is protected !!