

सागर। वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी,8225072664* सागर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर का समापन उत्साह, ऊर्जा और खेल भावना के वातावरण में संपन्न हुआ। समापन समारोह मे एसोसिएशन के अध्यक्ष विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 65 युवा खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विधायक लारिया ने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता को विकसित करने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, संघर्षशीलता और टीम भावना का भी सशक्त विद्यालय है। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि खेलों से जुड़ता है तो वह न केवल स्वस्थ नागरिक बनता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी बनता है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर अभ्यास, समर्पण और आत्मविश्वास ही किसी खिलाड़ी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। क्रिकेट के मैदान में सीखे गए अनुशासन, धैर्य और संघर्ष के संस्कार जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे खेल को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम मानते हुए निरंतर आगे बढ़ें। लारिया ने कहा कि ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उचित प्रशिक्षण, अवसर और मार्गदर्शन की है। सागर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन का यह प्रशिक्षण शिविर युवा प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें बड़े मंचों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजन भविष्य के खिलाड़ियों की मजबूत नींव तैयार करते हैं। समारोह में चेयरमैन रघुनंदन त्रिपाठी, सचिव विनय शुक्ला, उपाध्यक्ष रमन दुबे, प्रवीण लोकरस, संजय दुबे सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण शिविर से प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए इसे अपने खेल जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। समापन समारोह ने युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण का संचार किया। यह प्रशिक्षण शिविर केवल क्रिकेट कौशल विकसित करने का मंच नहीं रहा, बल्कि युवा पीढ़ी में अनुशासन, स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम भी सिद्ध हुआ।








