
विदिशा –पठारी/ ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र में रामनवमी का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आने वाली नई दुनिया के बारे में सुनकर वहां उपस्थित श्रद्धालु रोमांचित होते रहे। सतयुग और त्रेता युग में अर्थात स्वर्ग में प्रकृति और साइंस सतोप्रधान होने के कारण राजा प्रजा सभी की सेवा में तत्पर रहेंगे । मौसम सदाबहार रहेगा। पक्षी मनमोहक अदाओ से रिझाते रहेंगे। फल रसीले एवं स्वयं से परिपूर्ण होंगे इत्यादि। शिवानी दीदी ने कहा कि इन्हीं सुखों का वर्णन रामायण आदि अन्य धर्म शास्त्रों में है जो मात्र कल्पना नहीं है हकीकत है आज वैज्ञानिक भी इसे साकार करने प्रयासरत हैं और उन्हें सफलता जरूर मिलेगी जिसका उपयोग आने वाले लक्ष्मी नारायण के राज्य में होगा लेकिन ऐसी सुखदाई दुनिया में जन्म लेने के लिए इस अंतिम जन्म में राजयोग के अभ्यास से जन्म जन्मांतर के पाप कर्म भस्म करने होंगे।









