
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने नीट-यूजी परीक्षा के संदर्भ मे याचिकाओ पर सुनवाई करते हुए, याचिकाकर्ता के वकील के परीक्षा रद्द करने संबंधी मांग के जवाब मे कहा कि परीक्षा रद्द करना सबसे अंतिम उपाय है। भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि परीक्षा की पवित्रता से समझौता नही किया जाना चाहिए। दोबारा परीक्षा लेने के आदेश से पहले सभी लीक संबंधी सभी पहलुओ को जानना आवश्यक है। मुख्य न्यायाधीश की खंठपीठ आज परीक्षा के सुनवाई पर कुल अड़तीस याचिकाओ पर सुनवाई कर रही है। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय मे दाखिल हलफनामे मे केंद्र और एनटीए ने कहा कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किसी सबूत के आभाव मे मेडिकल परीक्षा को फिर से आयोजित करने की आवश्यकता नही है।
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