
थर्मल इंजीनियरिंग दिवस का महत्व-शिवाजी जैन एडवोकेट 
ऑल ह्यूमन सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन डिस्टिक वूमेन चीफ शिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि राष्ट्रीय थर्मल इंजीनियर दिवस हर साल 24 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन हमारे जीवन और समाज में थर्मल इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करता है। इसके अलावा, यह हमारे जीवन में थर्मल ऊर्जा के महत्व को भी उजागर करता है। किसी सिस्टम में वह ऊर्जा जो उसके तापमान को निर्धारित करने में मदद करती है, उसे थर्मल ऊर्जा कहते हैं। यह ऊष्मा के रूप में प्रवाहित होती है। जब ऊर्जा एक प्रकार की प्रणाली से दूसरी प्रणाली में संचारित होती है, तो ऊष्मा उत्पन्न होती है।
थिंक मानवाधिकार संगठन एडवाइजरी बोर्ड मेंबर एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त साहित्यकार डॉ कंचन जैन ने कहा कि
राष्ट्रीय थर्मल इंजीनियर दिवस आधुनिक जीवन में थर्मल इंजीनियरों के अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले योगदान का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। आज की कई सुविधाएं थर्मल इंजीनियरों के काम की वजह से ही संभव हैं। एक साधारण मोबाइल फोन से लेकर आपके एयर कंडीशनिंग से लेकर आपकी कार में चलने वाले इंजन तक, लगभग हर आधुनिक उपकरण अच्छी थर्मल इंजीनियरिंग से लाभान्वित होता है।
मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक डॉ एच सी विपिन कुमार जैन, संरक्षक डॉक्टर आरके शर्मा, डॉ संजीव शर्मा, निदेशक डॉक्टर नरेंद्र चौधरी, एडवोकेट आलोक मित्तल, एडवोकेट ज्ञानेंद्र चौधरी, डॉ पीके वर्मा, शार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जैन,इंआकाश जैन आदि ने कहा कि
यह इंजीनियरिंग मैकेनिकल इंजीनियरिंग का एक विशेष उप-अनुशासन है। एक थर्मल इंजीनियर विभिन्न उष्म स्त्रोतों से उत्पन्न ऊर्जा को रासायनिक, यांत्रिक ऊर्जा में बदलने के लिए सिस्टम को डिज़ाइन और प्रोसेस करने का काम करता है। अधिकांश प्रोसेस प्लांट्स में कई प्रणालियां होती है। इन्हें उनके हीट ट्रांसफर की शर्तों के आधार पर तैयार किया जाता है।
शिवानी जैन एडवोकेट
डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ






