?php echo do_shortcode('[t4b-ticker]'); ?
A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेताज़ा खबर

नीतीश कुमार को भाया यूपी वाला ‘योगी मॉडल’, अब बिहार में बीजेपी की बल्ले-बल्ले!

Bihar IPS Alok Raj New DGP: भारतीय पुलिस सेवा के 1989 बैच के अधिकारी आलोक राज को बिहार के पुलिस महानिदेशक का प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में वे विजिलेंस इंटेलिजेंस ब्यूरो के महानिदेशक का पद संभाल रहे थे। पूर्व डीजीपी आरएस भट्टी को सीआईएसएफ के महानिदेशक के रूप में नियुक्त किए जाने के बाद यह नियुक्ति हुई है।

पटना: बिहार बीजेपी के नेता अक्सर कहते हैं कि बिहार में ‘योगी मॉडल’ लागू किया जाए। सीएम योगी आदित्यनाथ की तरह भी यहां पुलिसिंग हो। लगता है बीजेपी नेताओं की बात सीएम नीतीश कुमार ने मान लिया है और इसकी शुरुआत डीजीपी पद पर नियुक्ति से कर दिया। दरअसल, 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक राज बिहार के नए डीजीपी बने हैं। वे प्रभारी डीजीपी होंगे। यानी फुल टाइम डीजीपी नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में लंबे वक्त से प्रभारी डीजीपी से ही काम चलाया जा रहा है। यही कारण है कि इसे योगी मॉडल से जोड़कर देखा जा रहा है।
nitish kumar news 112938848

1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं आलोक राज

1989 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक राज अभी विजिलेंस इंटेलिजेंस ब्यूरो के महानिदेशक हैं। वह अगले आदेश तक डीजीपी का प्रभार भी संभालेंगे। दरअसल, आरएस भट्टी को केंद्र सरकार ने सीआईएसएफ का महानिदेशक नियुक्त किया है। इसके बाद बिहार के डीजीपी का पद खाली हो गया था। शुक्रवार को बिहार सरकार के गृह विभाग ने आलोक राज की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। हालांकि आलोक राज को डीजीपी का पूर्णकालिक पद नहीं दिया गया है। वह फिलहाल अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।

आलोक राज नें संभाला कार्यभार

बिहार के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) आलोक राज ने कार्यभार संभाल लिया है और अपने अधीनस्थों को छह सूत्रीय मंत्र दिए हैं। नए डीजीपी ने कहा कि वो सिर्फ पुलिस के DGP नहीं बल्कि बिहार की जनता के DGP बनना चाहते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि पुलिस का सहयोग करें। पदभार ग्रहण करने के बाद आलोक राज ने कहा कि मैं बिहार के लोगों का पुलिस महानिदेशक बनना चाहता हूं। पुलिस मुख्यालय और पुलिस महानिदेशक का कार्यालय आम लोगों के वैधानिक कार्यों के लिए हमेशा खुला रहेगा।

 

डीजीपी ने 6 ‘स’ पर काम करने को कहा

नए डीजीपी आलोक राज ने पुलिसकर्मियों को छह ‘स’ के मंत्र पर काम करने को कहा है। पहला ‘स’ है समय। उन्होंने कहा कि कम समय में जितना काम होगा, पुलिसिंग उतनी अच्छी होगी। दूसरा ‘स’ है सार्थक। इसके बारे में उन्होंने कहा कि आप जो भी कार्रवाई करें वह सार्थक हो। अपराधियों में खौफ पैदा हो कि पुलिस ने कार्रवाई की है। लोगों को दिखना चाहिए कि कार्रवाई की गई है।

तीसरा ‘स’ है संवेदनशीलता। इसके बारे में उनका कहना था कि हमारी अपेक्षा होगी कि पुलिसकर्मी संवेदनशील हों और पीड़ितों के प्रत‍ि उनकी संवेदनशीलता दिखनी चाहिए। चौथा ‘स’ है शक्तिशाली। आलोक राज ने कहा कि हमें अपने आप को इतना मजबूत करें कि अपराधी हमसे खौफ खाएं।

पांचवा ‘स’ है सत्यनिष्ठा। इसके बारे में DGP ने कहा कि यदि हम अपने कर्तव्यों के प्रति सत्यनिष्ठ नहीं होंगे, तो बिहार की जनता की जो अपेक्षा है, उसे हम पूरा नहीं कर पाएंगे। अंत में छठा ‘स’ है स्पीडी ट्रायल। उन्होंने कहा कि स्पीडी ट्रायल के तहत जल्दी से अनुसंधान कर हम समय से मामलों में आरोप पत्र दाख‍िल करें और उसके बाद स्पीडी ट्रायल के जरिए अपराधियों को सजा दिलाएं।

Back to top button
error: Content is protected !!