
आई हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, गरीबों को मिलेगा उचित लाभ
वाराणसी।
वन्दे भारत न्यूज।
अस्पताल में हाई-टेक और आधुनिक मल्टीपल स्पेशलटीज़ होंगे, जो मरीज़ों की आंखों की विभिन्न समस्याओं जैसे मोतियाबिंद, कॉर्निया, रेटिना, ग्लुकोमा, पीडिएट्रिक ऑप्थेल्मोलोजी, आक्युलोप्लास्टी, आई बैंक और कॉर्नियल ट्रांसप्लांट, क्लिनिकल एवं माइक्रो बायोलोजी लैबोरेटरी, फार्मेसी और ऑप्टिकल आदि के लिए आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराएंगे
वाराणसी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 अक्टूबर को वाराणसी में आधुनिक आर झुनझुनवाला शंकरा सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे, जिसकी स्थापना भारत के अग्रणी आई केयर सर्विस प्रदाताओं में से एक शंकरा आई हॉस्पिटल द्वारा, प्रमुख निवेशक राकेश झुनझुनवाला परिवार और शंकरा आई फाउंडेशन, यूएसए के सहयोग से की गई है. यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय आई केयर उपचार उपलब्ध कराएगा.
उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, जगदगुरू श्री शंकरा विजयेन्द्र सरस्वती स्वामीगल, 70वें जगदगुरू पीठाधिपति- कांची कामकोटि पीठम, कांचीपुरम, तमिलनाडु की मौजूदगी में होगा.
एसवी बालासुब्रमण्यम, चेयरमैन, एसईएफआई, पद्मश्री डॉ. आरवी रमणी, संस्थापक और मैनेजिंग ट्रस्टी, शंकरा आई फाउन्डेशन इंडिया, मुरली कृष्णामूर्ति, एक्ज़क्टिव चेयरमैन शंकरा आई फाउन्डेशन, यूएसए और श्रीमति रेखा झुनझुनवाला जी, सदस्य- बोर्ड ऑफ ट्रस्टी भी मौजूद रहेंगे.
वाराणसी का यह अस्पताल देश में शंकरा का 14वां अस्पताल है, जो हर साल सबसे गरीब मरीज़ों की 30,000 निःशुल्क आई सर्जरियां करेगा. अस्पताल की स्थापना और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि दक्षिण भारत (तमिलनाडु) का कांची कामकोटि मेडिकल ट्रस्ट, जो शंकरा आई हॉस्पिटल को सहयोग प्रदान करता है, ने ऐतिहासिक- सांस्कृतिक महत्व के शहर वाराणसी में अपनी उपस्थिति दर्ज की है.
विश्वस्तरीय सुविधाओं का मिलेगा लाभ
इस विश्वस्तरीय आई केयर सुविधा की स्थापना रु. 110 करोड़ के निवेश से की गई है, इसमें 30 हज़ार सर्जरियां करने की क्षमता है, अस्पताल में 9 ऑपरेशन थिएटर्स के साथ अन्य ज़रूरी सुविधाएं होंगी.
अपने सुगम संचालन को सुनिश्चित करने तथा सबसे गरीब मरीज़ों को आई केयर एवं उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल क्रॉस-सब्सिडाइज़ेशन मॉडल (75:25) पर काम करेगा, जिसमें भुगतान करने वाले मरीज़ों से आई धनराशि का उपयोग ज़रूरतमंद मरीज़ों के उपचार के लिए किया जाएगा. (हमारे 25 फीसदी लाभार्थी 75 फीसदी लाभार्थियों की निःशुल्क सर्जरियों की लागत का वहन करेंगे).
डॉ. आरवी रमणी ने कहा कि भारत में नेत्रहीनों की आबादी दुनिया में सबसे अधिक है। इनमें से 80 फीसदी मामलों में अंधेपन को रोका जा सकता है। शंकरा आई हॉस्पिटल में हम सभी को गुणवत्तापूर्ण आई केयर उपलब्ध कराने के लिए समर्पित हैं. हमने 2030 तक देश भर में 5 लाख फ्री सर्जरियां करने का लक्ष्य रखा है.
अस्पताल अनूठे हाइब्रिड मॉडल पर काम करेगा, जिसके तहत न सिर्फ वाराणसी बल्कि उत्तर प्रदेश के आस-पास के गांवों एवं ज़िलों से आए मरीज़ों को भी सब्सिडी के साथ सेवाएं प्रदान की जाएंगी. इसके लिए संसाधन उन मरीज़ों से जुटाए जाएंगे जो इलाज का खर्च उठा सकते हैं.’











