
श्री रामकथा के तीसरे दिन हुआ शिव पार्वती विवाह का वर्णन सुन भावुक हुए {सत्यनारायण सेन। हाईवे 758 स्थित गुरला के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के बस स्टैंड पर चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन भक्तों द्वारा शिव पार्वती जी के विस्तार से महाराज की कथा का सुंदर वर्णन किया गया। सभी ग्रामवासी भक्तों की ओर से चल रही नौ दिव्य श्रीराम के तीसरे दिन शिष्यों के शिव पार्वती विवाह की कथा बताई गई। वृंदावन धाम से पधारे महाराज नंदकिशोर भारद्वाज द्वारा शिव पार्वती विवाह की कथा चल रही है इस अवसर पर बच्चों ने मनमोहक अलौकिक हुनियों को भी बनाया जो शिवपार्वती के रूप में भक्तों को मन मोह लिया। इससे पहले उन्होंने सती चरित्र, राजा दक्ष की कथा, सती का पार्वती अवतार, शिव प्राप्ति के लिए सती की तपस्या आदि प्रसंग सुने थे। शिव पार्वती की कथा का वर्णन करते हुए कथावाचक नंद किशोर जी महाराज ने बताया कि पूर्व जन्म में भी पार्वती ने शिवजी को कठोर तपस्या प्राप्त की थी इसलिए अगले जन्म में भी शिव पार्वती से विवाह हुआ और दोनों ने एक-दूसरे को जन्म दिया। वरमाला वस्त्राई। भगवान शंकर के आगमन पर दक्ष राजा के यहां भूत प्रेतों की बारात लेकर आए और सभी महिलाओं ने मंगल गीत गाए और विवाह की खुशियां मनाईं। सभी गुरलाँ वासी कथा का आयोजन किया जा रहा है।




