
फगवाड़ा 30 अक्टूबर ( ) जेसीटी मिल मजदूरों का एक प्रतिनिधिमंडल शिव सेना (यूबीटी) के प्रदेश प्रेस सचिव कमल सरोज और भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) के प्रदेश उपाध्यक्ष हरमिंदर सिंह खैहरा के नेतृत्व में एसडीएम जशनजीत सिंह और एस.पी. फगवाड़ा रुपिंदर कौर भट्टी से मिला। इस दौरान प्रशासन व पुलिस अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा गया। जिसमें जेसीटी मिल फगवाड़ा के प्रबंधक समीर थापर, मुकुलिका सिन्हा, अश्वनी थापर, ललित शर्मा, सुरिंदर महेंद्रू, सन्नी जलोटा, राजन शर्मा, हरजिंदर सिंह जग्गा, दिनेश कोछड़, गुरजिंदर ढिल्लो, क्षेत्रीय पीएफ प्रभारी कमल किशोर आदि के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। इस अवसर पर मजदूर नेताओं ने कहा कि मिल में करीब तीन हजार मजदूर काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वर्कर का कहना है की काफी समय से उक्त मिल के मालिकों एवं प्रबंधकों ने सभी श्रमिकों का वेतन रोक रखा है, जिस कारण श्रमिकों ने उक्त मिल के अधिकारियों से अपने उचित वेतन/अधिकार पाने के लिए कई बार गुहार लगाई, लेकिन श्रमिकों को उनका अधिकार नहीं दिया। आखिरकार मजदूरों को अपने हक के लिए आंदोलन करना पड़ा। जिसके बाद फर्म के मालिकों व प्रबंधकों ने मजदूरों को उनका उचित वेतन/बकाया देने का लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन यह लिखित आश्वासन मालिकों और प्रबंधकों की एक गहरी साजिश का हिस्सा था। क्योंकि अब मालिक और प्रबंधन मिल को बंद करने की मंशा से गुपचुप तरीके से सारी मशीनरी बेचने की कोशिश कर रहे हैं, जो मजदूरों के साथ सरासर धोखा है। श्रमिक नेताओं ने कहा कि श्रमिक कॉलोनी का बिजली बिल, पीएफ, ईएसआई का पैसा जमा नहीं किया गया है, जिसका खामियाजा श्रमिकों व उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। इस दौरान शिव सेना नेता कमल सरोज और किसान नेता हरविंदर सिंह खैहरा ने 10 दिन का अल्टीमेटम दिया और मिल मालिकों व प्रबंधकों को चेतावनी दी कि अगर मजदूरों का बकाया भुगतान नहीं किया गया और हजारों मजदूरों का रोजगार छीनने की कोशिश हुई अथवा प्रशासन ने किसी भी दबाव में आकर कानूनी कार्रवाई नहीं की तो तीखा संघर्ष शुरू किया जाएगा। नेताओं ने पुलिस और प्रशासन से मिल मालिक समीर थापर और मुकुलिका सिन्हा समेत आरोपी प्रबंधकों की गिरफ्तारी की भी मांग की है। मांग पत्र के प्रतिलिपियां मुख्यमंत्री पंजाब, डी.जी.पी. पंजाब, डिप्टी कमिश्नर कपूरथला, डीआइजी जालंधर रेंज जालंधर, पी.एफ. कमिश्नर जालंधर और एसएसपी कपूरथला को भी भेजी गई हैं। 











