
सीधी। अधूरे निर्माण कार्यों की पूरी राशि निकालकर डकार जाने वाले रोजगार सहायक प्रभारी सचिव शिव प्रसाद यादव की कहानी निराली हैं जिसने शासन के मंसूबों पर पानी फेरते हुए निर्माण कार्य कराए बगैर ही पूरी राशि निकाल ली है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत करैल के ग्राम केरहा निवासी चंद्रबली सिंह पिता जयपत सिंह के नाम पर वर्ष 2021-22 में पशु सेड का निर्माण कार्य कागजों में पूरा हो चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि 2 साल बाद भी उक्त पशु सेड निर्माण का केवल पिलर खड़ा है दीवाल और छत का पता ही नहीं है और ना ही कभी इसके बन पाने की कोई संभावना है क्योंकि यह कार्य कागज में पूरा हो चुका है। चंद्रबली सिंह से जब हमने दूरभाष पर बात की तो उन्होंने इसकी पुष्टि की और जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या इस अधूरे निर्माण कार्य को लेकर उन्होंने कभी प्रभारी सचिव और रोजगार सहायक से पूछा है कि यह कब पूरा होगा तो उन्होंने कहा कि कभी नहीं पूछा है। चंद्रबली सिंह की बातों से ऐसा लगा की प्रभारी सचिव का खौफ इतना है, कि वे कभी पूछेंगे भी नहीं। आदिवासियों के विकास के नाम पर ग्राम पंचायत करैल में प्रभारी सचिव और रोजगार सहायक शिव प्रसाद यादव ने किस कदर शासन को चूना लगाया है और ग्रामीणों को धोखा दिया है यह जमीनी हकीकत गांव में पहुंचने पर दिखाई देती है।
ताजुब की बात तो यह है कि इस क्षेत्र में पिछले दो दशकों से सत्ताधारी दल के आदिवासी विधायक के होते हुए भी आदिवासी समुदाय को शिव प्रसाद जैसे पंचायत सचिव और रोजगार सहायक ठग और लूट रहे हैं फिर भी प्रशासन मौन है। वैसे भी ठगी और लूट को अंजाम दिए बगैर कोई झोपड़ी से निकलकर महलों तक का सफर तय नहीं करता है जिसका जीता जागता उदाहरण शिव प्रसाद यादव है।











