
*सुबह स्नान और शाम को दीपदान से गुणगान*
नीलकंठेश्वर मंदिर में पूजन-अर्चन को श्रद्धालुओं की लगी भीड़।
पांच दिवसीय मेला, दंगल और रामलीला शुरू
पैलानी थानाक्षेत्र में हमीरपुर-बांदा मार्ग स्थित महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा से पांच दिवसीय मेला, दंगल और रामलीला की शुरुआत हुई। महाकालेश्वर मंदिर में सुबह से पूजा-अर्चना और दुग्धाभिषेक की लाइन लगी रही। सुरक्षा की दृष्टि से पैलानी थाना और खप्टिहाकलां पुलिस चौकी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। दिवारी नृत्य, झूले आदि आकर्षण का केंद्र रहे। खप्टिहाकलां मे भी मेला और रात्रिकालीन रामलीलाओं का भव्य किया जाएगा।कालिंजर पैलानी, संवाददाता। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर जनपद में पवित्र नदियों और सरोवरों में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। देवालयों में जाकर पूजन-अर्चन के साथ दीपदान कर गुणगान किया। शुक्रवार को सुबह से देर रात तक श्रद्धालु मंदिरों में पूजन-अर्चन के लिए डटे रहे। पैलानी के महाकालेश्वर, कालिंजर दुर्ग के नीलकंठेश्वर मंदिर और शहर के बांबेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। मेलों में बच्चों और महिलाओं ने जमकर खरीदारी करने के साथ ही खानपान और मनोरंजन का लुत्फ उठाया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस तैनात रही।ऐतिहासिक पौराणिक धार्मिक अजेय दुर्ग कालिंजर स्थित बुड्ढा-बुड्ढी तालाब, रामकटोरा और कोटितीर्थ तालाब में कार्तिक पूर्णिमा पर शिवभक्तों ने ब्रह्ममुहूर्त में आस्था की डुबकी लगाई। सुबह चार बजे से ही पूरा दुर्ग हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। स्नान के बाद दुर्ग पर विराजमान भगवान नीलकंठेश्वर, माता पार्वती व शिव के बड़े पुत्र भगवान कार्तिकेय के दर्शन किए। दुर्ग की मनोहारी छटा को भी देखा। साथ ही तलहटी में आयोजित मेला में सजीं खानपान की दुकानों में व्यंजनों का लुत्फ उठाया और खरीदारी की। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। मेला में स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। चिकित्साधिकारी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पंचमपुर डॉ. रिचा सिंह ने बताया कि दो सौ से अधिक मरीजों को मुफ्त दवाएं बांटी गईं। खोया पाया केंद्र से 15 बच्चों को अभिभावकों को सौंपा गया। कालिंजर मेला कमेटी अध्यक्ष दयाराम सोनकर मेला के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।











