

**मुख्यमंत्री योगी की यात्रा और पूजा:**
1. **बाबा बैद्यनाथ का दर्शन:**
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवघर के प्रसिद्ध **बाबा बैद्यनाथ मंदिर** में पूजा अर्चना की। इस मंदिर को ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख माना जाता है, और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के गर्भगृह में जाकर बाबा बैद्यनाथ से राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

2. **पहली बार गर्भगृह में पूजा:**
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह यात्रा खास थी क्योंकि यह उनका **पहला** मौका था जब वे **बाबा बैद्यनाथ** के गर्भगृह में पूजा करने पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने मंदिर का दर्शन जरूर किया था, लेकिन गर्भगृह में पूजा करने का यह पहला अवसर था।
3. **धार्मिक महत्व और चुनावी संदेश:**
योगी आदित्यनाथ की इस यात्रा को धार्मिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी देखा जा रहा है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की जीत की कामना की और राज्य में पार्टी के प्रचार को अंतिम बल दिया। उनका यह कदम प्रदेश के हिन्दू वोटर्स को आकर्षित करने के उद्देश्य से देखा जा सकता है।

**मुख्यमंत्री योगी का संदेश:**
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा बैद्यनाथ का आशीर्वाद हमेशा उन लोगों के साथ रहता है जो जनकल्याण और धर्म की राह पर चलते हैं। उन्होंने झारखंड में भाजपा को एक सशक्त विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि राज्य की समृद्धि के लिए भाजपा की सरकार बनना जरूरी है।
**धार्मिक यात्रा और भाजपा का चुनावी प्रचार:**
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह धार्मिक यात्रा भाजपा के चुनावी प्रचार का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। पार्टी चुनावी माहौल में धार्मिक स्थानों का दौरा करके वोटरों के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही है। इस यात्रा ने भाजपा के धार्मिक प्रचार को एक नई दिशा दी है, जिससे पार्टी को एक मजबूत संदेश दिया गया।

**निष्कर्ष:**
योगी आदित्यनाथ की बाबा बैद्यनाथ मंदिर यात्रा ने झारखंड के चुनाव प्रचार में एक नई ऊर्जा और धार्मिक भावना को जोड़ने का काम किया है। यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह भाजपा के चुनावी प्रचार की रणनीति का हिस्सा भी है, जिससे पार्टी ने झारखंड की जनता को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया है।




