

HighLights
- पूर्व सीजेआई का आचरण न्याय प्रणाली के संरक्षक के रूप में होना चाहिए: पूर्व सीजेआई
- पूर्व जजों को भी अन्य नागरिकों के समान अधिकार प्राप्त हैं: डीवाई चंद्रचूड़
‘न्यायाधीश भी आम नागरिक हैं’
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश भी आम नागरिक हैं और उन्हें भी अन्य नागरिकों के समान अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन समाज उनसे उच्च आचरण की अपेक्षा करता है।
लोग 20 सेकेंड का वीडियो देखकर राय बना लेते हैं: डीवाई चंद्रचूड़
पूर्व सीजेआई ने कहा कि जजों को ट्रोलिंग से बहुत सावधान रहना होगा। ट्रोलर्स कोर्ट के फैसलों को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। लोकतंत्र में कानूनों की वैधता तय करने की पावर कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट को सौंपी गई है।
डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आजकल लोग यूट्यूब और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देखे 20 सेकेंड के वीडियो के आधार पर राय बना लेते हैं। ये बहुत बड़ा खतरा है।
सीजेआई पद से रिटायर होने के बाद क्या कर सकते हैं चंद्रचूड़?
10 नवंबर को डीवाई चंद्रचूड़ सीजीआई के पद से रिटायर हुए थे। कयास लगाया जा रहा है कि पूर्व सीजेआई न्यायाधिकरणों में कोई भूमिका ग्रहण कर सकते हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा था कि कानूनों के तहत सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT), दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण और राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग जैसे कई न्यायाधिकरणों में काम करना पड़ता है। इन न्यायाधिकरणों के समक्ष आने वाले मामले बेहद अहम होते हैं। इन पर सुनवाई करने के लिए ईमानदार और विशेषज्ञ लोगों की जरूरत होती है


