
पुलिस उपमहानिरीक्षक अलीगढ़, परिक्षेत्र अलीगढ श्री प्रभाकर चौधरी (वर्चुअल रूप से जुडकर) व पुलिस अधीक्षक हाथरस श्री चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा जनपद में आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु आरक्षियों को जनपद के थानों पर शान्ति व्यवस्था ड्यूटी/व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने जाने से पूर्व पुलिस लाइन स्थित माधव प्रेक्षा गृह में ब्रीफ करते हुए प्रशिक्षण से जुड़े विविध पहलुओं के सम्बन्ध में ब्रीफ किया गया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक हाथरस श्री रामानन्द कुशवाहा, प्रतिसार निरीक्षक श्री राजकुमार सिंह, निरीक्षक श्री मुकेश बाबू आरटीसी प्रभारी निरीक्षक श्री विमल कुमार एवं समस्त प्रशिक्षु आरक्षी उपस्थित रहे। इस दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय ने प्रशिक्षु आरक्षियों को पुलिस विभाग की वर्तमान कार्यशैली और प्रशिक्षण की महत्ता को विस्तार से समझाया और उन्हें उनके कर्तव्यों व दायित्वों के प्रति प्रेरित किया। सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक हाथरस महोदय द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में पुलिस केवल “कानून व्यवस्था बनाए रखने वाला बल” नहीं रह गया है, बल्कि यह एकजनहितकारी, तकनीकी दक्ष, संवेदनशील एवं उत्तरदायी सेवा संगठन बन चुका है। आज पुलिस को न केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी है, बल्कि वह नागरिकों के प्रति पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी निर्वहन करती है। पुलिस प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट्स को व्यवहारिक एवं मैदानी अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से उन्हें सात दिवसीय (दिनाँक 10.02.2026 से 16.02.2026 तक) के लिए जनपद के समस्त थानों में भेजा गया है। इस दौरान रिक्रूट्स को थाना की कार्यप्रणाली, प्राथमिकी पंजीयन, शिकायतों के निस्तारण, जनसंपर्क, बीट ड्यूटी, पेट्रोलिंग एवं कानून की व्यावहारिक प्रक्रियाओं की
जानकारी दी जाएगी। थाना स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में रिक्रूट्स को अनुशासन, समयबद्धता तथा आम नागरिकों से शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेष रूप से महिला, बच्चों एवं पीड़ितों से संवाद एवं सहायता की प्रक्रिया पर भी बल दिया जाएगा। इस व्यवहारिक प्रशिक्षण से रिक्रूट्स में आत्मविश्वास का व्यवहारिक प्रशिक्षण उद्देश्य पुलिस रिक्रूटस को प्रशिक्षण के दौरान थाना स्तर पर शान्ति व्यवस्था ड्यूटी एवं व्यवहारिक/मैदानी अनुभव प्रदान करना है। ताकि थाना कार्यप्रणाली जैसे ऋऋक्रदर्ज करने की प्रक्रिया, जनरल डायरी, रोजनामचा संधारण, शिकायत प्राप्ति एवं निस्तारण, जनसंपर्क एवं व्यवहार, आम नागरिकों से शालीन व्यवहार, पीड़ित/शिकायतकर्ता से संवाद, महिला/ बुजुर्ग एवं बच्चों से संवेदनशील व्यवहार आदि की जानकारी दी जायेगी। पुलिस प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट्स को व्यवहारिक ज्ञान अर्जित कराने हेतु उन्हें निर्धारित अवधि के लिए संबंधित थानों में अटैच किया जाता है, जिससे वे थाना कार्यप्रणाली, जनसंपर्क एवं कानून के व्यावहारिक प्रयोग से परिचित हो सके।


