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कोर्ट में ASI: ‘जामा मस्जिद में अवैध निर्माण.. संरचना में किया गया फेरबदल, कमेटी ने कई बार सर्वे से रोका’।जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर के विवादित मामले में चंदाैसी की एक कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। इसमें एएसआई ने अपना जवाब पेश किया। एएसआई ने मस्जिद कमेटी द्वारा सर्वे टीम को रोके जाने और कई जगहों पर बदलाव करने की बात कही।

Screenshot 20241130 192906। Sambhal Masjid Case – फोटो। संभल की शाही जामा मस्जिद मामले में एएसआई ने अपना जवाब दे दिया है, जिसमें कई बार मस्जिद कमेटी की ओर से एएसआई की टीम को सर्वे से रोकने का जिक्र है। वहीं डीएम की ओर से उपस्थित डीजीसी सिविल प्रिंस शर्मा ने जवाब देने के लिए समय मांगा है। जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुबह से ही पुलिस बल न्यायालय व उसके आसपास के क्षेत्र सक्रिय रहा।Screenshot 20241130 192557जामा मस्जिद पहले और अब – फोटो : एएसआई/ संवाद
न्यायालय में यूनियन ऑफ इंडिया प्रतिवादी संख्या दो, डायरेक्टर जनरल एएसआई प्रतिवादी संख्या तीन, आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) प्रतिवादी संख्या चार की ओर से शुक्रवार को अधिवक्ता विष्णु शर्मा द्वारा जवाब प्रस्तुत किया गया। उनके जवाब में समय-समय पर एएसआई द्वारा विवादित स्थल का सर्वे करने का उल्लेख है। वहीं कई बार मस्जिद कमेटी ने एएसआई सर्वे की टीम को सर्वे करने से रोका, उसका जिक्र भी जवाब में शामिल है।Screenshot 20241130 192642चंदाैसी में कोर्ट परिसर में बढ़ाई गई सुूरक्षा – फोटो : संवाद
इस जवाब में जामा मस्जिद के केंद्रीय संरक्षित स्मारक होने का भी उल्लेख किया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि वर्ष 1920 से विवादित स्थल एएसआई के संरक्षण में था। एएसआई द्वारा कहा गया है कि मस्जिद के संरचना (स्ट्रेक्चर) में फेरबदल किया गया है। एएसआई द्वारा वर्ष 2018 में जामा मस्जिद कमेटी के विरुद्ध पुरातत्व स्थल पर अवैध रूप से स्टील की रेलिंग लगा कर संरचना में परिवर्तन करने की एफआईआर भी कराई गई थी।

Screenshot 20241130 192723। संभल में हिंसा के बाद हालात – फोटो : संवाद
जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल प्रिंस शर्मा जो जिला मजिस्ट्रेट की ओर से उपरोक्त मुकदमे में पहले दिन ही उपस्थित हो चुके हैं, उन्होंने उक्त मुकदमे में जवाब देने के लिए समय मांगा है। वहीं दूसरी ओर जामा मस्जिद की ओर से नियुक्त अधिवक्ता शकील अहमद वारसी व कासिम जमाल न्यायालय में उपस्थित हुए तथा उन्होंने दावे की नकल मांगी। न्यायालय ने अगली सुनवाई की तिथि आठ जनवरी 2025 तय कर दी।जामा मस्जिद संभल पहले – फोटो : एएसआई
हमने न्यायालय से दावे की कॉपी की मांग की है। दावे की कॉपी मिलने पर यदि किसी न्यायालय द्वारा कोई रोक नहीं लगाई जाती है तो जामा मस्जिद की ओर से जवाब दाखिल किया जाएगा। – शकील अहमद वारसी, अधिवक्ता जामा मस्जिद

जामा मस्जिद की ओर से जवाब देने के लिए हम सारे सबूत इकट्ठे कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया है, इसकी हमें अभी कोई जानकारी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने पर आदेश का पालन किया जाएगा। -कासिम जमाल, अधिवक्ता जामा मस्जिद। जामा मस्जिद अब – फोटो : संवाद
मैंने यूनियन ऑफ इंडिया, आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) की ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया है। हमने अपनी बात अपने जवाब व फोटो के माध्यम से न्यायालय के समक्ष रखी है। कमिश्नर की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। – विष्णु शर्मा, अधिवक्ता यूनियन ऑफ इंडिया

शाही जामा मस्जिद का सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे की रिपोर्ट तैयार करने में समय लगेगा। जिससे कोर्ट से समय मांगा गया। कोर्ट ने दस दिन का समय दे दिया है। समय अवधि के भीतर रिपोर्ट दाखिल कर दी जाएगी। – रमेश सिंह राघव, कोर्ट कमिश्नर

विज्ञापन। मौ दीन पत्रकार रिपोर्टर भोजपुर जिला मुरादाबाद

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