
पूर्णिया के धमदाहा क्षेत्र में सोहराय पर्व को राजकीय समारोह के रूप में मनाया गया।
यह पर्व आदिवासी समाज की प्रकृति और परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। तीन दिवसीय यह पवित्र उत्सव न केवल उनकी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करता है, बल्कि समाज में आपसी एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है।
सोहराय पर्व मुख्य रूप से प्रकृति, कृषि और पशुधन के प्रति आभार प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। इस दौरान आदिवासी समाज अपनी परंपरागत रीति-रिवाजों, नृत्य, गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उत्सव का आनंद लेते हैं। धमदाहा में इसे राजकीय समारोह का दर्जा दिए जाने से इस पर्व की महत्ता और बढ़ गई है।
सरकार द्वारा इसे प्रोत्साहन देना आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह के आयोजनों से समाज में उनकी पहचान को सशक्त बनाने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।












