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रामराज्य से कम नहीं था अहिल्याबाई का शासनकाल – चंद्रमोहन जी।

रामराज्य से कम नहीं था अहिल्याबाई का शासनकाल – चंद्रमोहन जी।

चुनार। रामराज्य से कम नहीं था अहिल्याबाई का शासनकाल, भगवान राम भी विश्वामित्र जी के साथ अकेले ही निकले थे। यह बातें चंद्रमोहन जी ग्राम विकास संयोजक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पूर्वी उ0प्र0 ने नरायनपुर ब्लाक सभागार में रविवार को चुनार जिला द्वारा आयोजित लोकमाता देवी अहिIMG 20250120 WA0003 IMG 20250120 WA0002ल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी समारोह में बतौर मुख्य वक्ता कही। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने राज्य की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किसानों को खड़ा किया और तोपखाना, उद्योग, महिलाओं के लिए उद्यम, सभी तरह की व्यवस्था बनाया। उन्होंने जनता को पुत्र की तरह माना और सुख दुख में शामिल रहीं।

अहिल्याबाई जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके पिता और ननिहाल पक्ष के लोग सेना में थे जिसका उनके जीवन पर बड़ा असर था। उनके बाल्यकाल में ही एक संत ने कहा था कि बालिका बहुत होनहार है, यह अपने जीवन में विश्व प्रसिद्ध कार्य करेगी। 8 वर्ष की उम्र में ही शादी हुई, उन्होंने अपने जीवन काल में बहुत सारे दुखों वैधव्य, पुत्र वियोग, दामाद एवं पुत्री वियोग भी शीघ्र ही देखा।

विवाहोपरांत बहुत जल्दी ही उन्होंने राज्य संचालन के बारे में सीखना शुरू कर दिया। कम समय में ही लड़ाई के दौरान पति की मृत्यु होने पर सती होने का मन बनाया लेकिन ससुर के काफी अनुनय विनय के बाद उन्होंने निर्णय बदला और राज्य की व्यवस्था को देखना शुरू किया। उन्होंने अपने जीवन में विशेष रूप से तीन युद्ध लड़ा उसमें से एक में बाल गंगाधर उनके विरोधी थे वह बाजीराव पेशवा के साथ थे लोगों के कहने पर अहिल्याबाई ने उन्हें शासन के लिए एक राज्य दिया, गंगाधर ने बगल के एक राजा को उकसा कर युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार की, अहिल्याबाई ने 500 महिलाओं की फौज बनाई जिसकी जानकारी होने पर विरोधी राजा ने युद्ध की इच्छा त्याग दिया। अहिल्याबाई की न्याय व्यवस्था अद्भुत थी, उनके जीवन के आदर्श को आज के जन प्रतिनिधि, पुत्र, पुत्री, बहू, बेटी को अपनाना चाहिए। उन्होंने प्रजा को सुखी रखने, अपने दायित्व को निभाना, सामर्थ्य एवं सत्ता के बल पर जो कर रही हूं उसका जवाब ईश्वर के यहां देना है, यहां मेरा कुछ भी नहीं है सब समाज का है उनका संकल्प था।

विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य सुधा चतुर्वेदी, रामबहाल पाल रहे। कार्यक्रम में जिला संघ चालक गौतम जी, जिला प्रचारक आलोक जी, विधायक अनुराग सिंह, विधायक रमाशंकर सिंह, विधायक प्रतिनिधि आलोक सिंह, आयोजन समिति के सुरेंद्र जी, चंद्रशेखर सिंह, अजोरा देवी, अनिल जी, रामबृक्ष पाल, अमित चतुर्वेदी, डा0 शरद चंद्र श्रीवास्तव, परमेश्वर मौर्य, मुकेश पांडेय, नाहर सिंह, अमित जी, कलाधर जी, अवनींद्र जी, पवन जी, निखिल जी, आलोक जौहरी जी, अशोक जी, राम सकल जी, डा0 मुकेश जी, आलोक श्रीवास्तव, दीपक जी, गोविंद जी, कृपाशंकर जी, महेंद्र नाथ, प्रकाश चंद्र, अश्विनी जी, विवेक जी, हर्षित जी आदि सहित सभी खंड एवं नगर के कार्यकर्ता बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य मेजर कृपाशंकर सिंह ने एवं संचालन जिला कार्यवाह रामबालक जी ने किया।

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