शाहजहाँपुर

पुलिस ने चार शातिर आरोपियों को नकली करेंसी एवं करेंसी छापने के उपकरणों के साथ किया गिरफ्तार

शाहजहांपुर का निकला नकली करेंसी छापने वाला मास्टर माइंड

पुलिस ने चार शातिर आरोपियों को नकली करेंसी एवं करेंसी छापने के उपकरणों के साथ किया गिरफ्तार ,

शाहजहांपुर जनपद की तहसील तिलहर कोतवाली क्षेत्र में एक साल से होती रही जाली करेंसी की छपाई लेकिन स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई और पीलीभीत की बरखेड़ा पुलिस ने गैंग लीडर अब्दुल सत्तार को तिलहर से दबोचा साथ ही जाली करेंसी व छपाई प्रिंटर भी किया बरामद ,

शाहजहांपुर पुलिस पर उठ रहे हैं, कई सवालिया निशान इससे पूर्व पीलीभीत पूरनपुर खुटार बार्डर से पीलीभीत पुलिस की हुई थी आतंक वादियों से मुठभेड़ किया था एक बड़ा खुलासा ।

आख़िर शाहजहांपुर पुलिस के क्यों रह जाते हैं, हांथ खाली जबकि नेपाल और आसाम से जुड़ा हुआ है, खुटार शाहजहांपुर बार्डर।

गिरोह के सरगना शाहजहांपुर के तिलहर निवासी सत्तार जनसेवा केंद्र से छापते थे नकली नोट ,यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर सीखा तरीका, दो गुना नोट देने का लालच देकर सीधे-साधे लोगों को ठगने का कर रहे थे काम , नकली नोट बनाने के आरोपियों में शाहजहांपुर निवासी सत्तार सरगना था। उसके निर्देशन में ही अन्य आरोपी काम करते थे। सत्तार के जन सेवा केंद्र पर ही चोरी छिपे नकली नोट को छापा जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने इसका खुलासा किया।

बरखेड़ा पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रुपये की जरूरत पर इस धंधे को शुरू किया। इसके लिए यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट छापने का तरीका सीखा है। असली नोट को मशीन से प्रिन्ट करते हैं और स्कैनर से अन्य रुपरेखा असली नोट की तरह तैयार करते थे। नकली नोटों को अन्य जनपदों व ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह चलाते थे।

सीधे-साधे लोगों को लालच देकर उनको असली नोट के स्थान पर दो गुना नकली नोट देने का धंधा करते थे। आरोपी अपना नंबर और नाम पता नहीं बताते थे। पार्टी आदि में मांगने पर उनके बताए स्थान पर करेंसी उपलब्ध करा देते थे। गिरोह का अब्दुल सत्तार सरगना था। उसके निर्देशन में काम किया जा रहा था। अब्दुल सत्तार अपना ज्यादा हिस्सा लेकर शेष धनराशि बराबर-बराबर अन्य आरोपियों को बांटता था। करीब एक साल से इस धंधे को अंजाम दिया जा रहा था। अब्दुल सत्तार के जनसेवा केंद्र पर चोरी छिपे नकली नोट छापते थे। लोगों को शक होने पर सामान और करेंसी को अन्य जगह ठिकाने लगाने के लिए आरोपी यहां तक पहुंचे थे।

पीलीभीत के थाना बरखेड़ा पुलिस ने शाहजहांपुर के तिलहर नगर निवासी आरोपी से पूंछताछ में बताया कि जनसेवा केंद्र में करते थे छपाई, 2.90 लाख के नकली नोट के साथ चार युवक गिरफ्तार।

शाहजहांपुर।तिलहर भारतीय मुद्रा यानी जाली करेंसी की नगर में एक साल से छपाई होती रही लेकिन स्थानीय पुलिस और एसओजी को इसकी भनक तक नहीं लग सकी ।

पीलीभीत पुलिस ने जाली करेंसी छापने वाले जनसेवा केंद्र संचालक अब्दुल सत्तार को गिरफ्तार कर स्थानीय पुलिस की कार्य प्रणाली पर एक सबालिया निशान लगा दिया ।

हुआ यूं कि बीती 22 फरवरी को पीलीभीत की बरखेड़ा पुलिस पीछा करती हुई मुखबिर की सूचना पर तिलहर आ धमकी । बाई पास चौराहे पर गाड़ी छोड़ पैदल भागे नगर के मोहल्ला नजर पुर निवासी जनसेवा केंद्र संचालक अब्दुल सत्तार को सिंह कॉलोनी में एक आटा चक्की के समीप धर दबोचा और साथ ले गई ।

रविवार देर रात करीब साढ़े दस बजे पुलिस उक्त युवक को लेकर पुनः मोहल्ला नजरपुर स्थित उसके घर लेकर पहुंची । करीब डेढ़ घंटे तक घर में रही । मोहल्ले बालों की जिज्ञासा को पुलिस ने जाली करेंसी मामला होना बताकर शांत किया । और रात करीब बारह बजे गंतव्य को रवाना हो गई ।

बरखेड़ा पुलिस ने यूं तो बदायूं के दातागंज निवासी खलील अहमद पुत्र वहीदुल्ला , शाहजहांपुर के खुदागंज निवासी रिजवान पुत्र दन्ने अंसारी व बरेली के फरीदपुर क्षेत्र के गांव भगवन्ता पुर निवासी फरियाद पुत्र इकरार को जाली करेंसी मामले में गिरफ्तार किया है । उक्त तीनों ने तिलहर के अब्दुल सत्तार को गैंग लीडर बताते हुए पुलिस को जानकारी दी कि पिछले एक साल से वह लोग अब्दुल सत्तार के जन सेवा केंद्र पर ही जाली करेंसी की छपाई कर लेते थे ।

पीलीभीत पुलिस ने अब्दुल सत्तार के कब्जे से विभिन्न सीरीज की एक लाख 60 हजार रुपए , रिजवान के कब्जे से 50 हजार रुपए तथा खलील व फरियाद के कब्जे से 40 – 40 हजार रुपए की जाली करेंसी बरामद की । जाली करेंसी छपाई कलर प्रिंटर , बिना तैयार सुदा भारतीय करेंसी छपे हुए 13 पेज समेत अन्य सामग्री के साथ एक सफेद रंग की अपाचे बाइक संख्या यूपी 27 एआर 9184 भी बरामद होना दर्शाई है । अब्दुल सत्तार ने पूंछताछ में इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगोंके नाम भी उजागर किए है । पुलिस उक्त लोगों की तलाश कर रही है ।

पीलीभीत -जाली नोटो का कारोबार करने वाले 4 शातिर अपराधी गिरफ्तार, 2 आरोपी रिजवान और अब्दुल शाहजहांपुर के रहने वाले हैं, जबकि खलील अहमद बदायूं और आरोपी फरियाद बरेली का रहने बाला हैं, चारों आरोपियों के पास से 2 लाख 90 हजार की जाली करंसी पुलिस ने बरामद की है, आरोपियों के पास से पुलिस ने जाली नोट बनाने के लिए एक लैपटॉप,प्रिंटर मशीन, पेपर कटर मशीन,6 मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की हैं, पुलिस द्वारा पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यूट्यूब पर देखकर नकली नोट छापने का तरीका सीखा, चारो आरोपी एक करोड़ से अधिक की जाली करंसी मार्केट में सप्लाई कर चुके हैं।

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