
जालंधर 21 मार्च ( परमिंदर सिंह ) योग, शरीर, मन और आत्मा को जोड़ता है, जिस से हमें शारीरिक व मानसिक दोनों को बेहतर बनाने में मदद मिलती हैं। यह विचार आचार्य रजनीश कुमार ने स्थानीय सरकारी कॉलेज ऑफ एजुकेशन में जारी 3 दिवसीय योग शिविर की समाप्ति पर कहे। आचार्य रजनीश ने बताया कि योग हमें तनाव कम करने में मदद करता है, योग आसन के लगातार अभ्यास से शरीर में लचीलापन आता है और कई बीमारियों से मुक्ति मिलती है। गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जालंधर में यह तीन दिवसीय योग कार्यशाला कैरियर संबंधी, तनाव और योग प्रबंधन विषयों पर आयोजित की गई थी। प्रिंसिपल श्रीमती बलविंदर कौर, एनएसएस प्रभारी श्रीमती प्रियंका अग्निहोत्री ने योग कार्यशाला का नेतृत्व किया। प्रिंसिपल श्रीमती बलविंदर कौर ने बताया कि बी एड समस्टर 6 के सिलेबस अनुसार यह योग कार्यशाला दिनांक 19 मार्च से 21 मार्च तक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि इस कैंप का उद्वेश्य विद्यार्थियों ओर फैकल्टी मेंबरों में जागरूकता, मानसिक और शारीरिक तंदुरुस्ती को बढ़ाना है।
योग शिविर में आचार्य रजनीश कुमार ने अपने सहयोगियों योग अध्यापक श्री प्रियव्रत शास्त्री व नरेंद्र भगत के साथ मिलकर तनाव को दूर करने के लिए दैनिक जीवन में योग के महत्व से परिचित कराया। शुरुआत भस्त्रिका प्राणायाम से हुई। इसके बाद कपालभाति, बहिया प्राणायाम, अग्निसार प्राणायाम और अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। सूर्य नमस्कार का विशेष अभ्यास किया गया, जिसका विद्यार्थियों ने भरपूर लाभ उठाया। इसके बाद छात्र मर्कट आसन, पवन मुक्त आसन, नोका आसन का भी अभ्यास कराया गया और उनके लाभों से अवगत कराया गया। इसके अलावा, छात्रों और कॉलेज स्टाफ सदस्यों के लिए ध्यान भी आयोजित किया गया जिसका सभी ने आनंद लिया। आचार्य रजनीश कुमार ने शुगर रोग को नियंत्रित करने, पाचन में सहायता करने और मानसिक शांति को बढ़ावा देने में वज्र आसन और मंडूक आसन के अभ्यास के सकारात्मक प्रभावों का प्रदर्शन किया।
इसके अलावा योग आचार्यों ने स्ट्रेचिंग व्यायाम के माध्यम से सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित कर छात्रों का मार्गदर्शन किया। इन्हें सक्षम बनाकर विद्यार्थियों ने खुद को तरोताजा किया। अंत में ताली आसन, हास्य आसन के साथ योग कार्यशाला का समापन हुआ। कॉलेज स्टाफ द्वारा योग शिक्षकों का हार्दिक धन्यवाद किया गया तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।






