बहुचर्चित दुबौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस की पिटाई से किशोर की मौत का मामला
बहुचर्चित दुबौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस की पिटाई से किशोर की मौत का मामला : पर जिन्होंने कहा उन्हें न्याय चाहिए
पुलिस की पिटाई से हुई नाबालिक किशोर की मौत
बस्ती 26 मार्च 25.
दुबौलिया थाना क्षेत्र के उभाई गांव में 24 मार्च 25 को दो लड़कों में मामूली कहा सुनी के बाद एक लड़के आदर्श उपाध्याय उम्र 16 वर्ष पुत्र ओमप्रकाश उपाध्याय को पुलिस द्वारा बगैर परिजनों को सूचित किया थाने पर ले जाया गया और पूरी रात उसे रखा गया | दोपहर में उसकी मां को बुलाकर उसे उसके साथ घर भेज दिया गया |
परिजनों के मुताबिक घर पहुंच कर उसने खाना खाया और उसके बाद उसे तीन बार खून की उल्टी हुई | परिजनों द्वारा पहले उल्टी की दवा मंगा कर खिलाया गया जब उसे आराम नहीं हुआ |
उसके बाद परिजनों द्वारा लगभग शाम 6:00 एंबुलेंस द्वारा उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ह्ररैया ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों द्वारा उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया |
रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई और परिजन उसे वापस लेकर ह्ररैया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आ गए | जहां पर डॉक्टरों ने उसे देखकर मृत घोषित कर दिया |
मामले में स्वास्थ्य केंद्र ह्ररैया पर क्षेत्राधिकार ह्ररैया संजय सिंह, सदर सतेंद्र भूषण त्रिपाठी, थाना प्रभारी दुबौलिया जितेंद्र सिंह तथा थाना कोतवाली ह्ररैया की पुलिस पहुंची और रात लगभग 11:00 तक पुलिस द्वारा परिजनों का मान मन्नवल होता रहा |
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने खुद कहा की आदर्श को इतना मार दिया गया है कि यह आगे से कुछ नहीं कर पाएगा |
मृतक आदर्श की मां ने बताया कि पुलिस द्वारा उससे ₹5000 की डिमांड की गई जिससे वह पूरा नहीं कर पाई और उसने कहा कि मेरे पास पैसे नहीं है |
टूटे-फूटे मकान में रहने वाले और ई रिक्शा चला कर किसी तरह परिवार का भरण पोषण करने वाले ओम प्रकाश उपाध्याय के दो पुत्र आदर्श और अमरजीत है जिसमें से आदर्श 16 साल का तथा अमरजीत उससे छोटा है |
ग्रामीणों के अनुसार दुबौलिया थाने के तीन चार ऐसे सिपाही हैं जो उभाई ग्राम को सोने का अंडा देने वाली मुर्गी समझ लिए हैं | जब उनका मन करता है तब वह जाकर किसी को पकड़ कर थाने ले जाते हैं और उनसे वसूली करने के बाद उसे छोड़ दिया जाता है|
यहां बताते चले की भाई गांव काफी बड़ा है और वहां की आबादी लगभग 500 घरों की होगी | जो दुबौलिया थाने के सिपाहियों के लिए काफी मुफीद जान पड़ता है|
यही नहीं ग्रामीणों के अनुसार इस गांव के हलका में ड्यूटी लगवाने के लिए सिपाहियों में होड़ मची रहती है|
मामले में मृतक आदर्श के परिजनों तथा ग्रामीणों का कहना कि उन्हें न्याय चाहिए | जिस सिपाहियों द्वारा आदर्श को मारा गया है उनके ऊपर मुकदमा पंजीकृत कर उनको सजा दिलाया जाए तथा घर के बड़े लड़के के खोने के घरवालों को जो मानसिक, आर्थिक छत पहुंची है उसकी भरपाई की जाए |
बहरहाल लाश का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है |
मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा |


















